मुख्य बिंदु: सहकारी संस्थाओं की सदस्यता छोड़ने, त्यागपत्र देने या मृत्यु होने पर किसानों को उनका बकाया ऋण चुकाने के बाद अंश पूंजी (Share Capital), लाभांश (Dividend) सहित वापस मिलने का प्रावधान है। राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2001 के तहत यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से संचालित होती है। विस्तृत जयपुर (Jaipur):सहकारी जगत ग्राउंड रिपोर्ट…