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34 सहकारी समितियों में बनेगे 100 मैट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम

सार

Rajasthan News : सहकारी समितियों की भण्डारण क्षमता में होगी वृद्धि, प्रदेश में 34 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 मैट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों का होगा निर्माण

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विस्तार

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 7 अक्टूबर | प्रदेश की 34 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 मैट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम बनेंगे, इसके लिए सहकारिता विभाग पंजीयक कार्यालय की ओर से बजट घोषणा वर्ष 2023-24 के बिन्दु संख्या 175(1) क्रम में स्वीकृत आदेश जारी हुआ हैं, जिसके मुताबिक, चित्तौडगढ में आठ, कोटपूतली-बहरोड में चार, सवाईमाधोपुर और बाडमेर में तीन, प्रतापगढ, उदयपुर, जोधपुर, जालोर में दो-दो, वही, पाली, राजसमन्द, भीलवाड़ा, दौसा, हनुमानगढ, करौली, सीकर, श्रीगंगानगर में एक-एक ग्राम सेवा सहकारी समिति में 100 मैट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम का निर्माण होगा । गौरतलब हैं कि बजट घोषणा वर्ष 2023-24 के बिन्दु संख्या 175(1) के अनुसार, गोदाम विहीन 100 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 मेट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण के लिए प्रति समिति 12 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे ।

इन समितियों में बनेंगे गोदाम

सहकारिता विभाग के अनुसार, पाली जिले की सिंदरु, जालोर की सांकरणा, आलवाडा, चित्तौडगढ की करणपुर कलां, बनाकिया कला, तुर्किया खुर्द, उचनार खुर्द, बालारडा, करजाली, पिपलवास, कुथंना, राजसमन्द की सेमा, भीलवाडा की मुकुनपुरिया, दौसा की केसरीसिंहपुरा, जोधपुर की कानसिंह की सिड्ड, गांधीसागर, हनुमानगढ की मानुका, कोटपूतली-बहरोड की लुहाना कलां, पालडी, कैरोडी, गोपालपुरा, करौली की सेंगरपुरा, बाडमेर की फगलू, कारटिया, चिडिया, सीकर की रायपुरा, श्रीगंगानगर की उदयपुर खुशाल , सवाईमाधोपुर की दुमोदा, अक्षयगढ, अनियाला, प्रतापगढ की दवेलिया, धावडी, उदयपुर की सालेडा, खरताणा में गोदाम निर्माण किया जाएगा ।

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टोंक जिले की चांवडिया ग्राम सेवा सहकारी समिति का गोदाम – Photo

ऋण पर्यवेक्षक का उपस्थित होना अनिवार्य

सहकारिता विभाग के मुताबिक, गोदाम एवं कार्यालय भवन निर्माण संबंधी कार्य के लिए सामग्री क्रय करने सहित अन्य समस्त कार्यो के सम्पादन के लिए सहकारी समिति स्तर पर एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें समिति अध्यक्ष, व्यवस्थापक एवं संबंधित केंद्रीय सहकारी बैंक ऋण पर्यवेक्षक को शामिल किया गया हैं, वही, निर्माण सामग्री क्रय करने से संबंधित बैठक में ऋण पर्यवेक्षक का उपस्थित होना अनिवार्य होने के साथ-साथ सम्पूर्ण कार्यवाही नियमानुसार करने का उत्तरदायी भी ऋण पर्यवेक्षक होगा ।

विभाग को भिजवानी होगी पर्यवेक्षणीय रिपोर्ट

सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण कार्यो के पर्यवेक्षण के लिए एक कमेटी बनाई गई हैं, जिसमें सीसीबी प्रबंध निदेशक एवं उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां को शामिल कर, माह में कम से कम एक बार निर्माण कार्यो का पर्यवेक्षण कर कर्मियों पर आवश्यक निर्देश देने के साथ-साथ निर्माण कार्यो की पर्यवेक्षणीय रिपोर्ट विभाग को भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही, समिति स्तर पर इस कार्यवाही का विजिट रजिस्टर संधारित करना होगा, जिसमें पर्यवेक्षण के दौरान हुई टिप्पणी अंकित करनी होगी ।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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