Home जालोर 12 वर्ष बाद जालोर सहकारी भूमि विकास बैंक से किसानों को मिलेगा दीर्घकालीन ऋण

12 वर्ष बाद जालोर सहकारी भूमि विकास बैंक से किसानों को मिलेगा दीर्घकालीन ऋण

सार 

Jalore : उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जालोर सुनील वीरभान ने बताया कि काफी समय से जालोर PLDB को नाबार्ड से पुनर्वित्त मिलने के अभाव में योजनान्तर्गत वितरित नही हो पा रहा था ऋण, अब नाबार्ड द्वारा पुनर्वित्त जारी करने एवं एनसीडीसी द्वारा ब्याज दरों में कमी किये जाने के परिणामस्वरूप ऋण वितरण हो पाएगा संभव

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जालोर सहकारी भूमि विकास बैंक  (File Photo -MKM NEWS Jalore)

विस्तार 

जालोर 21 फरवरी। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष (IYC2025) के तहत राज्य के सहकारिता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक व सहकारिता विभाग की रजिस्ट्रार व प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप जालोर जिले में जालोर सहकारी भूमि विकास बैंक को राज्य सरकारी भूमि विकास बैंक द्वारा किसानों को दीर्घकालीन ऋण वितरण के लक्ष्य आवंटित किए गए हैं। दीर्घकालीन साख संरचना में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से पुनर्वित्त मिलने के पश्चात् बैंक द्वारा 12 वर्ष बाद किसानों को दीर्घकालीन ऋण वितरण किया जाएगा।
उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जालोर सुनील वीरभान ने बताया कि काफी समय से बैंक को नाबार्ड से पुनर्वित्त मिलने के अभाव में योजनान्तर्गत ऋण वितरण नहीं हो पा रहा था। अब नाबार्ड द्वारा पुनर्वित्त जारी करने एवं एनसीडीसी द्वारा ब्याज दरों में कमी किये जाने के परिणामस्वरूप अब ऋण वितरण संभव हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप अनुदान योजना के तहत किसानों एवं लघु उद्यमियों को यह ऋण वितरण किया जायेगा
जिसके फलस्वरूप भूमि विकास बैंक द्वारा वितरित दीर्घकालीन कृषि ऋण मात्र 5.05 प्रतिशत एवं दीर्घकालीन अकृषि ऋण मात्र 7.05 प्रतिशत की ब्याज दर पर उपलब्ध हो सकेगा, जो अन्य बैंकों से अपेक्षाकृत कम है। राज्य सरकार का दीर्घकालीन सहकारी साख संरचना के पुनरूद्धार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने ऋणी किसानों से अपील की है कि वे बैंक की ऋण वसूली में सहयोग करें तथा अपने बकाया ऋणों का चुकारा कर अपनी जमीन रहन मुक्त करवाकर ऋण प्राप्त कर सकते हैं।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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