Home जयपुर किसानों और लघु उद्यमियों को सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से मिलेगा दीर्घकालीन ऋण

किसानों और लघु उद्यमियों को सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से मिलेगा दीर्घकालीन ऋण

सार 

Rajasthan : 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को 130 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य आवंटित, प्रदेश की दीर्घकालीन सहकारी साख संरचना के पुनरुद्धार की दिशा में साबित होगा महत्वपूर्ण कदम

405223354 831719848961693 899641597549384646 n

विस्तार 

जयपुर, 07 फरवरी। राज्य भूमि विकास बैंक प्रदेश के 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को 130 करोड़ रुपये के दीर्घकालीन ऋण वितरण करेगा। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने बताया कि राज्य के सभी जिलों के किसानों और लघु उद्यमियों को अब सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से दीर्घकालीन कृषि एवं अकृषि ऋण उपलब्ध हो पाएंगे। सहकारिता मंत्री ने बताया कि कृषकों और लघु उद्यमियों को यह ऋण राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप क्रमश: 7 प्रतिशत एवं 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के तहत उपलब्ध करवाये जाएंगे।

pld
File Photo

उन्होंने बताया कि नाबार्ड से पुनर्वित्त के अभाव में काफी समय से अधिकांश भूमि विकास बैंकों द्वारा उक्त योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण नहीं हो पा रहा था। विगत दिनों नाबार्ड द्वारा पुनर्वित्त जारी करने एवं एनसीडीसी द्वारा ब्याज दरों में कमी किये जाने के परिणामस्वरूप अब ऋण वितरण संभव हो सकेगा। श्री दक ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ब्याज अनुदान उपलब्ध करवाये जाने के फलस्वरूप भूमि विकास बैंकों द्वारा वितरित दीर्घकालीन कृषि ऋण मात्र 5.05 प्रतिशत एवं दीर्घकालीन अकृषि उत्पादक ऋण मात्र 7.05 प्रतिशत की ब्याज दर पर उपलब्ध होगा।

15 पीएलडीबी में पिछले 5-6 वर्षों से दीर्घकालीन ऋण वितरण नहीं

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ऐसे लगभग 15 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों, जहां पिछले 5-6 वर्षों से दीर्घकालीन ऋण वितरण नहीं किया जा रहा था, को भी ऋण वितरण के लक्ष्य आवंटित किये गये हैं। इनमें अजमेर, केकड़ी, टोंक, हिण्डौन, सवाई माधोपुर, जालौर, पाली, सिरोही, बारां, बूंदी, झालावाड़, कोटा, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक शामिल हैं। प्रदेश की दीर्घकालीन सहकारी साख संरचना के पुनरुद्धार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

error: Content is protected !!