सार
Barmer : 1250 करोड़ का फसली ऋण ग्राम सेवा सहकारी समितियां के माध्यम बांटती हैं बाड़मेर केंद्रीय सहकारी बैंक, वर्तमान में 32 करोड़ की हानि….। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 9 लाख से अधिक ग्राहक जुड़े हुए…।

विस्तार
बाड़मेर | डिजिटल डेस्क | 17 जनवरी । राज्य सरकार द्वारा कर्ज माफी (loan Waiver) योजना 2018 एवं 2019 में विलंब भुगतान पर 8 प्रतिशत की दर से केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCBs) को ब्याज देने की घोषणा की गई । इस घोषणा के बाद केंद्रीय सहकारी बैंक बाड़मेर (BCCB) को करीब 124.30 करोड़ की राशि जारी की जानी थी । लेकिन सरकार स्तर से महज 43.13 करोड़ की राशि जारी की गई । जबकि बकाया 81.17 करोड़ की राशि वर्तमान तक बकाया चल रही है । यहां केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के परिपत्र के अनुपालना में लेखा पुस्तिका में ‘राज्य सरकार से प्राप्य’ मद में दर्शाई जा रही इस 81.17 करोड़ की राशि का शत-प्रतिशत प्रावधान करना पड़ा । जिससे यह केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) करीब 32 करोड़ की हानि में चली गई है । इस स्थिती को लेकर ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्पलाइज यूनियन एवं ऑफिसर्स एसोसिएशन यूनिट बाड़मेर ने सहकारिता मंत्री, सहकारिता विभाग शासन सचिव एवं पंजीयक को पत्र भेजकर बकाया राशि जल्द जारी करवाने की मांग की गई है ।
कार्मिकों में निराशा और असंतोष व्याप्त
ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्पलाइज यूनियन यूनिट बाड़मेर के अध्यक्ष दीपेन्द्रसिंह, सचिव गौरव कुमार पारिक एवं ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भीखाराम विश्नोई एवं सचिव विक्रमसिंह राठौड़ ने बताया कि बैंक की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के कारण बैंक कार्मिकों के आर्थिक परिलाभों यथा दीपावली बोनस, उपार्जित अवकाश नकदीकरण एवं भविष्य के वेतन समझौतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है एवं कार्मिकों में सेवा सुरक्षा पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिससे कार्मिकों में निराशा एवं असंतोष व्याप्त है।
करीब 7 लाख ग्राहक सहकारी बैंक से जुड़े हुए
बाड़मेर केंद्रीय सहकारी बैंक के अंतर्गत बालोतरा एवं बाड़मेर जिले में करीब 20 शाखाएं (Branch) संचालित हैं । साथ ही इस बैंक के अधीन करीब 455 ग्राम सेवा सहकारी समितियां (Pacs) भी कार्यशील है । जहां सीसीबी से प्रत्यक्ष तौर पर 6 लाख 90 हजार 576 जमा खातों (Deposit Account) और 3 हजार 438 ऋण खातों (Loan Account) के जरिए ग्राहक जुड़े हुए है । वही 2 लाख 59 हजार 571 केसीसी खाताधारक किसान जुड़े हुए है, जिनको ग्राम सेवा सहकारी समितियां के माध्यम से सीसीबी द्वारा सालाना करीब 1250 करोड़ का अल्पकालीन फसली सहकारी ऋण (ST Loan) मुहैया कराया जाता है ।


