सार
पाली जिले की बीजापुर ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड की आम सभा में वित्तीय वर्ष का 5.15 लाख रुपये का शुद्ध लाभ संचित लाभ घोषित हुआ। कंप्यूटरीकरण के बाद यह समिति अब ‘ई-पैक्स’ बन चुकी है।
विस्तार
पाली | जिला ङेस्क 23 सितंबर |पाली जिले के बाली पंचायत समिति क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं प्रतिष्ठित बीजापुर ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड की वार्षिक आम सभा (Annual General Meeting) मंगलवार, 23 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे समिति परिसर में पूरी गरिमा के साथ संपन्न हुई। अध्यक्ष महेंद्र सिंह राणावत की अध्यक्षता में आयोजित इस आम सभा में समिति के स्वर्णिम अतीत, ऐतिहासिक सफर और वर्तमान कार्य-परिदृश्य पर विस्तार से मंथन किया गया।
ग्रामीण अंचल में किसानों के आर्थिक संबल (Financial Support) का मुख्य आधार रही यह समिति अब केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत पैक्स कंप्यूटराइजेशन (PACS Computerisation) के माध्यम से आधिकारिक रूप से ‘ई-पैक्स’ (e-PACS) घोषित हो चुकी है, जिससे ग्रामीण सहकारिता आंदोलन में एक नए युग का सूत्रपात हुआ है।आम सभा के दौरान प्रस्तुत किए गए वित्तीय वर्ष (Financial Year) के ऑडिट (Audit) एवं आय-व्यय के आंकड़ों ने समिति की सुदृढ़ वित्तीय स्थिति पर मुहर लगाई। समिति ने पिछले वित्तीय वर्ष में कुल व्यापार और उर्वरक (खाद-बीज) बिक्री में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए बड़ा मुकाम हासिल किया है। लेखा-जोखा रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने वित्तीय वर्ष में कुल 5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ (Net Profit) अर्जित किया है, जिससे समिति का संचित लाभ (Accumulated Profit) बढ़कर 19 लाख रुपये के मजबूत स्तर पर पहुंच गया है। इसके अलावा, किसानों की कृषि आवश्यकताओं को पूरा करते हुए खाद और उर्वरकों की बिक्री से 43 लाख रुपये से अधिक का उल्लेखनीय कारोबार (Turnover) दर्ज किया गया है, जो किसानों का इस समिति पर अटूट भरोसा दर्शाता है।
अतीत के ऐतिहासिक पन्नों को पलटते हुए बैठक में चर्चा की गई कि कैसे दशकों से यह समिति अंचल के अन्नदाताओं को वित्तीय सुरक्षा और खाद-बीज उपलब्ध कराती आ रही है। आज अत्याधुनिक तकनीक से जुड़कर ई-पैक्स बनने के बाद समिति के समस्त कार्य पूर्णतः पारदर्शी और डिजिटल (Digital) हो गए हैं। इस अवसर पर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एवं व्यवस्थापक सुरेश कुमार दहिया ने वित्तीय बजट (Financial Budget), आगामी कार्ययोजना और ऋण वितरण व्यवस्था का ब्योरा रखा। बैठक में संचालक मंडल के सदस्यों और बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीण किसानों ने सहकारिता की मजबूती के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए। कार्यक्रम का समापन ‘किसानों की सेवा, सहकारिता की मजबूती’ के संकल्प के साथ हुआ।


