Home जयपुर सहकारिता मंत्री के कड़े निर्देश: गबन के दोषियों पर दर्ज कराएं FIR, 30 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से हों सोसायटियों की आमसभाएं

सहकारिता मंत्री के कड़े निर्देश: गबन के दोषियों पर दर्ज कराएं FIR, 30 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से हों सोसायटियों की आमसभाएं

सार 

Jaipur : सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने समीक्षा बैठक में गबन के मामलों में दोषियों पर एफआईआर, समयबद्ध ऑडिट, और 30 अक्टूबर तक समितियों की आमसभा सुनिश्चित करने दिए निर्देश, ताकि अनियमितताएं रुक सकें

विस्तार 

जयपुर, 17 मार्च। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिलना चाहिए। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने कहा किआगामी दिनों में होने वाली सरसों और चना की खरीद में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए। किसी भी तरह की अनियमितता या लापरवाही सामने आने पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी सहकारिता मंत्री मंगलवार को अपेक्स बैंक सभागार में विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में एमएसपी खरीद, सहकारी समितियों की ऑडिट प्रगति एवं आमसभा, सहकारी अधिनियम की धारा 55 एवं 57 के अंतर्गत लम्बित प्रकरण, जनसुनवाई के प्रकरण, विभागीय योजनाओं की प्रगति आदि की विस्तार से समीक्षा की गई। श्री दक ने निर्देश दिए कि एमएसपी पर सरसों-चना की खरीद प्रक्रिया बिना शिकायत सम्पन्न हो। जिन खरीद केंद्रों पर पूर्व में अनियमितताएं सामने आई हैं, उन पर विशेष निगरानी रखी जाए। साथ ही, फर्जी रजिस्ट्रेशन करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए किसानों से भी निरन्तर फीडबैक लिया जाए। उन्होंने कहा कि खरीद में गड़बड़ी हुई तो उप रजिस्ट्रार जिम्मेदार होंगे तथा अतिरिक्त रजिस्ट्रार (खंड) के विरुद्ध भी लापरवाही बरतने पर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि उप रजिस्ट्रार और राजफेड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रतिदिन खरीद केंद्रों का निरीक्षण करें। बैठक में सभी फंक्शनल अधिकारी, शीर्ष सहकारी संस्थाओं के अधिकारी, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (खण्ड), जिला प्रभारी अधिकारी, क्षेत्रीय अधिकारी, राजफेड एवं जिला उप रजिस्ट्रार एवं उपस्थित रहे।

धारा 55 में जांच शुरू करते ही कैविएट लगाना अनिवार्य

सहकारिता मंत्री ने सहकारी अधिनियम की धारा 55 एवं 57 के अंतर्गत लम्बित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में जांच में गबन और अनियमितताएं प्रमाणित हो चुकी हैं, उनमें दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई जाए तथा प्रकरण में गंभीरता से कार्यवाही करते हुए चालान पेश करवाया जाए। उन्होंने धारा 55 के अंतर्गत जांच शुरू करते ही न्यायालय में आवश्यक रूप से कैवियट लगाने के भी निर्देश दिए। श्री दक ने कहा कि सोसायटियों में गबन-घोटालों पर रोक लगाने के लिए उनकी ऑडिट और आमसभा समयबद्ध रूप से सम्पन्न करवाई जाए तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने सभी समितियों में 30 अक्टूबर से पूर्व आमसभा अनिवार्य रूप से करवाने के निर्देश दिए। साथ ही, ऑडिट और आमसभा का डेटा मासिक रूप से तैयार करने के भी निर्देश दिए।

क्रेडिट को-ऑपरेटिव  सोसायटियों का हो नियमित निरीक्षण

सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक
सहकारिता मंत्री  ने निर्देश दिए कि संस्थाओं के पंजीयन बिना किसी देरी और परेशानी के होने चाहिए। इस संबंध में निरन्तर फीडबैक लिया जाए और शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने सभी जिला उप रजिस्ट्रार को क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों का भी नियमित रूप से निरीक्षण कर उनकी ऑडिट व आमसभा तथा नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए। सहकारिता मंत्री ने सूचनाएं प्राप्त करने के लिए सभी जिलों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने, अधिक से अधिक संख्या में नई सहकारी समितियों का गठन करने तथा गोदाम निर्माण हेतु जमीन चिन्हित कर आवंटन करवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि विकास बैंकों के ऋणी सदस्यों के लिए संचालित की जा रही एकमुश्त समझौता योजना से अधिक से अधिक पात्र ऋणियों को लाभान्वित किया जाए। उन्होंने मंत्री कार्यालय के समक्ष लंबित जनसुनवाई के प्रकरणों की अनुभागवार विस्तार से समीक्षा करते हुए उनके निस्तारण में गति लाने के भी निर्देश दिए।

स्टे हटवाकर धारा 55 व 57 के प्रकरणों का करें निस्तारण

श्रीमती आनन्दी, शासन सचिव सहकारिता विभाग
सहकारिता विभाग की शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां श्रीमती आनन्दी ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी एमएसपी खरीद को सर्वोच्च  प्राथमिकता में रखें। उन्होंने कहा कि फील्ड अधिकारियों को प्रतिदिन बताया जाएगा कि उन्हें किस खरीद केंद्र की चेकिंग करनी है। क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के मैनेजर हर वक्त मुख्यालय पर उपस्थित रहेंगे। किसी भी प्रकार की शिकायत पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने धारा 55 और 57 के प्रकरणों के निस्तारण में गति लाने एवं जिन प्रकरणों में स्टे है उनसे स्टे हटवाकर अग्रिम कार्यवाही के निर्देश दिए। राजफेड के प्रबंध निदेशक श्री बचनेश कुमार अग्रवाल के बताया कि इस बार किसी भी खरीद केंद्र पर दो हजार से ज्यादा टोकन नहीं होंगे। खरीद 25 मार्च से शुरू होगी, जिसके लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। खरीद केंद्रों की संख्या में वृद्धि के लिए जिला उप रजिस्ट्रारों से प्रस्ताव भिजवाने को कहा गया है।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

error: Content is protected !!