Home बाड़मेर 37 वर्षों के स्वर्णिम सहकार सफर के बाद सेवानिवृत्त हुए केन्द्रीय सहकारी बैंक के सहायक अधिशाषी अधिकारी दजाराम पटेल

37 वर्षों के स्वर्णिम सहकार सफर के बाद सेवानिवृत्त हुए केन्द्रीय सहकारी बैंक के सहायक अधिशाषी अधिकारी दजाराम पटेल

सार

Barmer : केंद्रीय सहकारी बैंक बाड़मेर के सहायक अधिशाषी अधिकारी दजाराम पटेल 37 वर्षों की उत्कृष्ट सेवाएं देकर सेवानिवृत्त हुए। गुड़ामालानी और धोरीमन्ना में आयोजित समारोह में सहकार जगत के दिग्गजों ने उनके योगदान को सराहा।

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विस्तार

​बाड़मेर|/गुड़ामालानी /धोरीमन्ना| 31 जुलाई |​सहकारिता की नींव केवल ईंट और सीमेंट से नहीं, बल्कि दशकों के अटूट समर्पण, विश्वास और जनसेवा की भावना से खड़ी होती है। इसी त्रिस्तरीय ढांचागत सहकारिता आंदोलन को अपने जीवन के पूरे 37 साल समर्पित करने वाले केंद्रीय सहकारी बैंक बाड़मेर के सहायक अधिशाषी अधिकारी दजाराम पटेल अपने सेवाकाल के स्वर्णिम सफर को सफलतापूर्वक पूरा कर सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर गुड़ामालानी और धोरीमन्ना शाखा कार्यक्षेत्र में आयोजित भव्य एवं भावनात्मक विदाई समारोह में सहकार जगत से जुड़े दिग्गजों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने उनके उत्कृष्ट कार्यकाल को याद करते हुए उन्हें सेवानिवृत्त समारोह के दौरान विदाई दी, गुड़ामालानी और धोरीमन्ना में आयोजित गरिमामयी समारोहों में उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि दजाराम पटेल ने अपने सेवाकाल के दौरान केवल एक सरकारी नौकरी नहीं निभाई, बल्कि ग्रामीण अंचल के हर जरूरतमंद किसान और आमजन को बैंक से परिवार की तरह जोड़कर आत्मीय रिश्ता कायम रखा।

​समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय सहकारी बैंक बाड़मेर के प्रबंध निदेशक एवं सहकारिता सेवा के वरिष्ठ अधिकारी जितेंद्र कुमार गोदारा और मुख्य प्रबंधक अमराराम पटेल ने उनके संपूर्ण कार्यकाल की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि 37 वर्षों की लंबी और बेदाग सेवा के दौरान उनकी कार्यशैली हमेशा से युवा कार्मिकों के लिए प्रेरणादायी रही है। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य अतिथियों भाजपा मंडल अध्यक्ष टिकमाराम पटेल, भेड़ाना समिति अध्यक्ष प्रागाराम पटेल, बारासणा समिति अध्यक्ष बाबूलाल मांजू, लुणावा जागीर समिति अध्यक्ष सुखराम विश्नोई ने उन्हें पारंपरिक साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर सम्मानित किया। बाड़मेर-बालोतरा व्यवस्थापक यूनियन जिला अध्यक्ष रायमलराम नेहरा ने अपने संबोधन में कहा कि दजाराम पटेल ने हमेशा सहकार कर्मियों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ बैंक की साख को सर्वोपरि रखा।

​इस भव्य समारोह में सहकारी और सामाजिक क्षेत्र के कई दिग्गज मौजूद रहे। इस अवसर पर ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्प्लाइज ऑफिसर्स एसोसिएशन यूनियन जिला बाड़मेर के अध्यक्ष भीखाराम विश्नोई, सेवानिवृत्त सहायक अधिशाषी अधिकारी मांगीलाल पुरोहित, नवलाराम चौधरी, सेवानिवृत्त शाखा प्रबंधक मूलाराम विश्नोई, पैक्स कार्मिक शुम्भराम चौधरी, तथा सीसीबी शाखा प्रबंधक देवव्रत, ऋण पर्यवेक्षक भागीरथ विश्नोई, चैनाराम हुड्डा, मांगीलाल पुनिया के अलावा समिति व्यवस्थापक भैरसिंह वैरड़, माधुदास वैष्णव, दिलीप कुमार चौधरी, सुरेश कुमार विश्नोई, रामलाल चौधरी, देवाराम सियाग, खेताराम वैरड़, अचलाराम नेहरा, मदन पटेल, गोकुलराम, गणेशराम, लालाराम, बलवंत राम, पीराराम सहित बड़ी संख्या में सहकारी साख से जुड़े गणमान्य नागरिक, सम्मानित किसान और बैंककर्मी उपस्थित रहे।

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मरुधरा में सहकारी आंदोलन और संघर्षपूर्ण अतीत

बाड़मेर जिले की कठिन मरुधरा में सहकारी साख संरचनात्मक आंदोलन किसी संजीवनी से कम नहीं रहा है। राज्य के त्रिस्तरीय ढांचागत परिदृश्य, जिसमें शीर्ष स्तर पर अपेक्स बैंक, मध्यवर्ती स्तर पर केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) और तृणमूल स्तर पर ग्राम सेवा सहकारी समितियां (PACS/LASS) शामिल हैं, ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। अतीत के उन संघर्षपूर्ण दिनों को याद करें, जब बाड़मेर जैसे दूरदराज और विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले जिले में वित्तीय सेवाएं पहुंचाना बेहद कठिन कार्य था। तब बैंकों की पहुंच अत्यंत सीमित थी, आधुनिक तकनीक का पूर्ण अभाव था और ग्रामीण क्षेत्र के किसानों में वित्तीय साक्षरता की भारी कमी थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण दौर में दजाराम पटेल जैसे निष्ठावान और दूरदर्शी कार्मिकों ने रीढ़ बनकर काम किया। किसानों को समय पर अल्पकालीन फसली ऋण उपलब्ध कराने, खाद-बीज की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और गरीब किसानों को महाजनों के शोषणकारी चंगुल से मुक्त कराने में केंद्रीय सहकारी बैंक बाड़मेर की इन शाखाओं और इनसे जुड़े समर्पित कार्मिकों की भूमिका स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। आज जिले की सहकारी संस्थाएं आधुनिक वित्तीय सेवाओं के साथ डिजिटल युग में मजबूती से कदम रख चुकी हैं, जिसकी ठोस नींव दजाराम पटेल जैसी पीढ़ी के त्याग, तपस्या और परिश्रम पर टिकी हुई है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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