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“सहकारिता में सहकार” विषय पर उदयपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

सार 

Udaipur CCB में “सहकार से समृद्धि” के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें सक्षम डेयरी समितियों को ‘बैंक मित्र’ बनाकर माइक्रो एटीएम देने तथा नाबार्ड द्वारा 90% अनुदान देने पर चर्चा की गई।

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विस्तार 

उदयपुर | डिजिटल डेस्क | 26 मई | उदयपुर सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (UCCB) के प्रताननगर स्थित प्रधान कार्यालय सभागार में भारत सरकार की प्रमुख पहल “सहकार से समृद्धि” के आधारभूत स्तंभ “सहकारिता में सहकार” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी समितियां खण्ड उदयपुर गुंजन चौबे ने की, जबकि नाबार्ड उदयपुर के जिला विकास प्रबंधक (DDM) नीरज यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे । कार्यक्रम के आरंभ में उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां उदयपुर लोकेश जोशी ने ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह योजना सहकारी समितियों को वित्तीय रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ सामाजिक विकास के ढांचे को भी मजबूत करती है । उन्होंने प्रतिभागियों से इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की 。

बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक वैभव गौड ने ‘सहकारिता में सहकार’ पहल की पृष्ठभूमि और मानक संचालन प्रक्रिया की जानकारी दी । उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सक्षम प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों को ‘बैंक मित्र’ के रूप में नियुक्त कर उन्हें माइक्रो एटीएम उपलब्ध करवाना है, जिससे सहकारिता की भावना आमजन तक पहुंच सके । मुख्य अतिथि नीरज यादव ने नाबार्ड के योगदान को रेखांकित करते हुए बताया कि नाबार्ड अपनी वित्तीय समावेशन योजना के तहत केंद्रीय सहकारी बैंकों को 90 प्रतिशत अनुदान पर माइक्रो एटीएम उपलब्ध करवा रहा है, ताकि अधिक से अधिक डेयरी और ग्राम सेवा सहकारी समितियों को इस सुविधा से लाभान्वित किया जा सके । बैंक के कंप्यूटर प्रोग्रामर हितेश पांचाल ने बताया कि बैंक अब तक 179 सहकारी समितियों को माइक्रो एटीएम दे चुका है, जिनमें 95 डेयरी समितियां हैं । नाबार्ड की योजना के तहत 100 और माइक्रो एटीएम खरीदने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जिन्हें जल्द ही अन्य डेयरी समितियों को दिया जाएगा । उन्होंने कार्यशाला में माइक्रो एटीएम की कार्यप्रणाली समझाई और प्रतिभागियों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया ।

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उदयपुर डेयरी की पी एण्ड आई प्रभारी वीणा खंडेलवाल ने नाबार्ड और बैंक को धन्यवाद देते हुए आश्वासन दिया कि उनके कार्यक्षेत्र की अधिक से अधिक डेयरी सहकारी समितियों के खाते केंद्रीय सहकारी बैंक की शाखाओं में खोले जाएंगे और सचिवों को बैंक मित्र बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा । अपने अध्यक्षीय संबोधन में गुंजन चौबे ने कहा कि इस अभियान की सफलता विभिन्न सहकारी समितियों और संस्थाओं के आपसी सहयोग पर निर्भर करती है, उन्होंने सभी डेयरी सहकारी समितियों के सचिवों को इस पहल से पूरी निष्ठा के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित किया । कार्यक्रम के दौरान चयनित प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किए गए तथा व्यक्तिगत कृषकों को एटीएम कार्ड भी प्रदान किए गए ।

तीन जिलों के 70 से अधिक डेयरी सचिव हुए शामिल

इस कार्यशाला में उदयपुर, सलुंबर और राजसमंद जिले की 70 से अधिक प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों के सचिव उपस्थित रहे । साथ ही बैंक की अधिशाषी अधिकारी डॉ. मेहजबीन बानो, राजसमंद सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार विनोद कोठारी, उदयपुर सहकारी समितियों के विशेष लेखा परीक्षक कौटिल्य भट्ट और प्रबंधक प्रशासन प्रिंस गहलोत की सक्रिय भागीदारी रही । कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. धर्मेश मोटवानी ने किया । कार्यक्रम के अंत में बैंक के प्रबंध निदेशक आशुतोष भट्ट ने भीषण गर्मी में आए सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया और भविष्य में भी इसी तरह के सहयोग की अपेक्षा जताई ।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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