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नगर निकाय चुनाव 2026 के लिए सहकारी समितियों के व्यवस्थापक निभाएंगे चुनावी दायित्व

​सार 

कोटा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ने 2026 के निकाय चुनावों के लिए सहकारी पैक्स कर्मियों को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया है। यह कदम दो दशक पहले की ऐतिहासिक हड़ताल की याद दिलाता है, जब विपरीत परिस्थितियों में भी इन्होंने चुनाव संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई थी।

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जयपुर/कोटा | प्रदेश डेस्क 29 अगस्त |दी कोटा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कोटा द्वारा नगर निकाय आम चुनाव 2026 के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर, कोटा के निर्देशों और नगरपालिका (निर्वाचन) नियम 1994 के तहत यह कदम उठाया गया है। इसके अंतर्गत विभिन्न सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों और सहायक व्यवस्थापकों को पीठासीन अधिकारी (Presiding Officer) तथा मतदान अधिकारी (Polling Officer) के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सहकारी विभाग के कर्मचारियों की चुनाव में यह सहभागिता कोई नई परंपरा नहीं है, बल्कि इसका एक लंबा और चुनौतीपूर्ण इतिहास रहा है। दो दशक पहले का वह दौर जब प्रदेश में कर्मचारियों की एक बड़ी हड़ताल (Strike) चल रही थी, तब शासन और न्यायपालिका के लिए चुनाव कराना एक बहुत बड़ी चुनौती थी। उस समय राजस्थान उच्च न्यायालय (Rajasthan High Court) का आदेश था कि चुनाव हर हाल में और हर परिस्थिति में संपन्न कराए जाने चाहिए। प्रशासनिक तंत्र पर भारी दबाव और विपरीत परिस्थितियों के बीच भी सहकारिता विभाग के समिति व्यवस्थापकों ने अपनी ड्यूटी अत्यंत मुस्तैदी से निभाई थी।ठीक उसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और कार्य-परिदृश्य को दोहराते हुए, वर्तमान में भी स्थानीय निकायों के निष्पक्ष और सुचारू संचालन के लिए चुनाव संबंधी दायित्व सौंपे गए हैं।

कोटा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अंतर्गत आने वाली विभिन्न शाखाओं जैसे भीमगंजमंडी, नई धानमंडी, कैथून, कनवास, सांगोद, बपावर, रामगंजमंडी, दीगोद, सुल्तानपुर और इटावा के व्यवस्थापकों को प्रशिक्षण और चुनाव कार्य में लगाया गया है।बैंक के प्रबंध निदेशक (MD) श्री राय सिंह मोजावत द्वारा सभी ऋण पर्यवेक्षकों (Loan Supervisors) को यह सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित समिति व्यवस्थापकों को उनके प्रशिक्षण आदेश समय पर तामील करवाएं। यह वर्तमान कार्य-प्रणाली स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में सहकारी तंत्र (Cooperative System) हमेशा से एक अहम और भरोसेमंद कड़ी रहा है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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