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जोधपुर सहकारिता: अतिरिक्त रजिस्ट्रार के पद पर प्रशांत कल्ला की ताजपोशी, संभाग के ‘अनुभव’ पर भरोसा

 सार 

जोधपुर संभाग के सहकारिता विभाग में प्रशांत कल्ला को ‘अतिरिक्त रजिस्ट्रार’ नियुक्त किया गया है। उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव और क्षेत्रीय कार्यप्रणाली की गहरी समझ को देखते हुए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब उनके समक्ष संस्थागत सुधारों की बड़ी चुनौती है।

विस्तार 

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​जोधपुर।|ङिजीटल ङेस्क |11 जुलाई | जोधपुर संभाग में सहकारिता विभाग के प्रशासनिक ढांचे में एक बार फिर बड़ा फेरबदल हुआ है। लंबे समय से चल रही कयासबाजियों पर विराम लगाते हुए सरकार ने विभाग के महत्वपूर्ण पद ‘अतिरिक्त रजिस्ट्रार’ (जोधपुर खंड) की कमान सहकारिता सेवा के संयुक्त रजिस्ट्रार स्तर के अधिकारी प्रशांत कल्ला को सौंपी है। कल्ला की नियुक्ति को संभाग की सहकारी गतिविधियों के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है प्रशांत कल्ला की नियुक्ति के पीछे उनका वर्षों का अनुभव मुख्य आधार रहा है। जोधपुर संभाग की सहकारी व्यवस्थाओं में कल्ला एक जाना-पहचाना नाम हैं। अपने लंबे सेवाकाल में वे जालौर, जैसलमेर, जोधपुर और पाली केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCB) में प्रबंध निदेशक जैसे अहम पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। इसके साथ ही, क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारी के रूप में विभागीय बारीकियों को समझने का अनुभव भी उन्हें अन्य दावेदारों से अलग खड़ा करता है। पिछले एक दशक से संभाग में सक्रिय रहने के कारण उन्हें यहां के सहकारी ढांचे और कार्यप्रणाली की गहरी समझ है

लोकल’ चेहरों का रहा है दबदबा

​जोधपुर खंड के अतिरिक्त रजिस्ट्रार कार्यालय का इतिहास रहा है कि यहां ज्यादातर उन्हीं अधिकारियों को प्राथमिकता दी गई है, जो या तो स्थानीय हैं या जिनका कार्यक्षेत्र लंबे समय से यही रहा है। 4 मार्च 2014 को जब ‘संयुक्त रजिस्ट्रार’ के पद को अपग्रेड कर ‘अतिरिक्त रजिस्ट्रार’ का पद सृजित किया गया, तब से अब तक राजेंद्र चौधरी, केशराराम चौधरी, धनसिंह देवल, शुद्धोधन उज्जवल और देवेंद्र अमरावत जैसे स्थानीय चेहरों का ही दबदबा रहा है।

विवादों और फैसलों से पुराना नाता

​यह पद हमेशा से सुर्खियों में रहा है। अतीत पर नजर डालें तो सहकारिता सेवा के अतिरिक्त रजिस्ट्रार स्तर के अधिकारी भोमाराम का कार्यकाल सबसे अधिक चर्चाओं में रहा। उनके दो साल के कार्यकाल में जहां नीतिगत फैसलों ने विभाग को नई पहचान दी, वहीं कई निर्णय विवादों के घेरे में भी रहे। वर्ष 2022 में जिला स्तरीय स्क्रीनिंग चयन कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका हो या सहकारी संस्थाओं के विज्ञापनों पर रोक लगाने का चर्चित निर्णय, विभागीय हलकों में आज भी इसकी चर्चा होती है।

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2014 से अब तक का सफर

​जोधपुर सहकारिता विभाग के इस कार्यालय ने संभाग की सहकारी संस्थाओं को मजबूती देने में बड़ी भूमिका निभाई है। 2014 से पूर्व जब यह पद ‘संयुक्त रजिस्ट्रार’ स्तर का था, तब उमराव सिंह चारण, रामचंद्र सिंह जोधा अविनाश रिणवा  प्रदीप जैन जैसे अधिकारियों ने विभाग को संभाला था। वहीं, पद अपग्रेड होने के बाद वाई.एस. यादव, सोहनलाल लखानी और अनिल मेहता जैसे अधिकारियों ने भी समय-समय पर अपनी सेवाएं दीं ​अब प्रशांत कल्ला के सामने न केवल पुरानी व्यवस्थाओं को गति देने की चुनौती होगी, बल्कि संभाग में सहकारिता के प्रति आमजन का विश्वास और संस्थागत सुधारों को नई दिशा देने की जिम्मेदारी भी होगी।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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