सार
Jalore : सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ने वर्ष 2026-27 हेतु 57,400 लाख रुपये की अमानत और 195 लाख की नॉन-फण्ड आय का लक्ष्य रखा है। एमडी ने शाखाओं को कार्ययोजना बनाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिए।

विस्तार
जालोर । डिजिटल डेस्क | 7 मई | जालोर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (JCCB) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बैंक की सभी शाखाओं को अमानत वृद्धि और नॉन फण्ड आय के महत्वपूर्ण लक्ष्य आवंटित किए गए हैं। बैंक के प्रबंध निदेशक (MD) नारायण सिंह ने इस वर्ष के लिए कुल 57,400 लाख रुपये की अमानत प्राप्ति का लक्ष्य रखा है, जिसमें सबसे अधिक जिम्मेदारी VDC Jalore को 15,588 लाख रुपये के लक्ष्य के साथ सौंपी गई है। अन्य प्रमुख शाखाओं में भीनमाल को 6,279 लाख, आहोर को 6,378 लाख, सांचौर को 4,861 लाख, सायला को 2,995 लाख, रानीवाड़ा को 2,319 लाख, अरणाय को 2,844 लाख, रामसीन को 2,412 लाख, मेंगलवा को 2,702 लाख, धुम्बड़िया को 3,070 लाख, इवनिंग शाखा को 4,001 लाख, चितलवाना को 3,595 लाख, जसवंतपुरा को 316 लाख और प्रधान कार्यालय को 40 लाख रुपये का अमानत लक्ष्य दिया गया है।
इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बैंक ने कुल 4,41,326 खातों का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें 3,771 चालू खाते, 25,405 मियादी खाते, 305 आवर्ती खाते और 4,11,845 बचत खाते शामिल हैं। इसी कड़ी में बैंक की लाभप्रदता बढ़ाने के लिए 195 लाख रुपये की नॉन फण्ड आय का लक्ष्य भी तय किया गया है, जिसे तिमाही आधार पर विभाजित किया गया है। जून 2026 तक 48.75 लाख, सितंबर 2026 तक 97.50 लाख और दिसंबर 2026 तक 146.25 लाख रुपये अर्जित करने का लक्ष्य है।
जालोर सीसीबी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जालोर और सायला को सर्वाधिक 20.80-20.80 लाख, आहोर और मुख्य कार्यालय को 19.50-19.50 लाख, सांचौर, रानीवाड़ा व धुम्बड़िया को 18.20-18.20 लाख, भीनमाल को 15.60 लाख, मेंगलवा को 13 लाख, चितलवाना को 10.40 लाख, रामसीन को 7.80 लाख, इवनिंग शाखा को 6.50 लाख, अरणाय को 5.20 लाख और जसवंतपुरा को 1.30 लाख रुपये की नॉन फण्ड आय का वार्षिक लक्ष्य दिया गया है। प्रबंध निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि सभी शाखा प्रबंधक स्टाफ और मिनी बैंकों के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाएं और मासिक समीक्षा कर इन लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें ताकि नाबार्ड के मानकों की पालना और बैंक का विकास संभव हो सके।


