Home | cooperative | जयपुर | कृषि भूमि बेचान प्रक्रिया में पैक्स-लैम्पस से ऋण राशि बकाया नहीं का प्रमाण पत्र हो अनिवार्य, सहकार नेता आमेरा ने उठाई मांग

कृषि भूमि बेचान प्रक्रिया में पैक्स-लैम्पस से ऋण राशि बकाया नहीं का प्रमाण पत्र हो अनिवार्य, सहकार नेता आमेरा ने उठाई मांग

सार

Rajasthan News : सहकार नेता सूरजभानसिंह आमेरा ने सहकारिता विभाग शासन सचिव व रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर कृषि भूमि की रजिस्ट्री एवं इंतकाल दर्ज करवाने से पूर्व सहकारी समितियों से ऋण राशि बकाया नहीं का प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया आवश्यक करने एवं भूमि बेचान में अनिवार्य करने की उठाई मांग

02 1520 e1720446988650

विस्तार

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 19 अक्टूबर | प्रदेश में कृषि भूमि की रजिस्ट्री एवं इंतकाल दर्ज करवाने से पूर्व ग्राम सेवा सहकारी समितियों से बकाया नहीं का प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया को आवश्यक करने और भूमि बेचान में अनिवार्य करने की मांग को लेकर ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्पलाइज यूनियन व ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव सहकार नेता सूरजभानसिंह आमेरा की ओर से सहकारिता विभाग शासन सचिव व रजिस्ट्रार को पत्र लिखा गया हैं, जिसके अनुसार प्रदेश में त्रि-स्तरीय सहकारी साख ढांचे की सबसे छोटी इकाई ग्राम सेवा सहकारी समितियां द्वारा केंद्रीय सहकारी बैंक के माध्यम से अल्पकालीन फसली ऋण तथा पशुपालकों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं, इसके बदले किसानों की कृषि भूमि का रहन/गिरवी नहीं रखी जाती हैं ।

सहकार नेता ने बताया कि उनको यूनियन की विभिन्न इकाईयों से यह जानकारी मिली हैं कि बहुत से ऋणी सदस्यों एवं कृषकों द्वारा ग्राम सेवा सहकारी समितियों का ऋण चुकाए बिना ही अपनी कृषि भूमि का बेचान कर दिया जाता हैं, वही ऋणी कृषक की मृत्यु होने पर कृषि भूमि की रजिस्ट्री व इंतकाल दर्ज करवा दिया जाता हैं, जिससे सहकारी समितियों की ओर से वितरित अल्पकालीन फसली ऋण एवं पशुपालन के लिए कार्यशील पूंजी ऋण की वसूली नहीं हो पाती है, जिसके परिणामस्वरुप राज्य में सहकारी साख ढांचा और संस्थाएं आर्थिक रुप से कमजोर हो रही हैं ।

जिला कलेक्टरों को करें निर्देशित – आमेरा

सहकार नेता ने इस स्थिती को लेकर सहकारिता रजिस्ट्रार से अनुरोध किया हैं कि समस्त जिला कलेक्टर को पत्र जारी कर निर्देशित करें कि कृषि भूमि की रजिस्ट्री एवं इंतकाल दर्ज करने से पूर्व संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति से पंजीयन अधिकारी द्वारा ऋण बकाया नहीं का प्रमाण पत्र या अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर ही आगामी कार्यवाही की जाएं, ताकि प्रदेश के सहकारी साख ढांचे को आर्थिक रुप से सुदढ़ एवं सक्षम बनाया जा सके ।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

error: Content is protected !!