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सहकार से संवरेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था: राजस्थान में पैक्स कम्प्यूटरीकरण में देश में नंबर-1, 10 करोड़ से ज्यादा ऑनलाइन लेनदेन

सार

New Delhi : केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के स्थापना दिवस पर राजस्थान को पैक्स (PACS) कम्प्यूटरीकरण और 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन के साथ देश में प्रथम स्थान मिलने पर रोल मॉडल घोषित किया गया।

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विस्तार 

​जयपुर/नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क। 6 जुलाई।  केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस पर ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को नई उड़ान मिली है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन से सहकारिता क्षेत्र को प्राणवायु मिली है, जिससे कृषि और ग्रामीण विकास में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं।

समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से सहकारी आंदोलन राजस्थान के हर गांव-ढाणी तक पहुंच गया है। प्रदेश में 42 हजार से अधिक सहकारी समितियों से 1 करोड़ 35 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हैं। सहकार सदस्यता अभियान के जरिए 8 लाख 90 हजार नए सदस्य जुड़ने से ‘सहकार परिवार’ और मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि तकनीक के मोर्चे पर राजस्थान ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में 5 हजार 646 पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समिति) को ई-पैक्स में बदला गया है। इनके माध्यम से 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन हुए हैं, जो पूरे देश के कुल ट्रांजेक्शन का एक-तिहाई हिस्सा है। यह आंकड़ा देश में सर्वाधिक है। वहीं, 5 हजार 279 नई बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के गठन और भारतीय बीज सहकारी समिति की सदस्यता दिलाने में भी राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है।​इस अवसर पर राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पोर्टल 3.0 और जियो टैग मोबाइल एप का भी शुभारंभ किया गया। समारोह में सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और सहकार बंधु उपस्थित रहे।

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​डेयरी से बदल रही तस्वीर

प्रदेश के डेयरी मॉडल की सराहना करते हुए सीएम ने कहा कि पशुपालकों के लिए यह आर्थिक संबल का बड़ा आधार बन गया है। 9 लाख 40 हजार दुग्ध उत्पादक सदस्य जुड़े हैं, जिनमें 4 लाख 20 हजार से अधिक महिलाएं हैं। डेयरी संघ अब मुनाफे में हैं और 10 हजार करोड़ का रिकॉर्ड टर्नओवर हासिल किया है। प्रदेश में दूध संकलन 38 लाख लीटर से बढ़कर 45 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है।

​जयपुर को मिली ‘सहकार वन’ की सौगात

समारोह के दौरान राजस्थान के लिए कई सौगातें मिलीं। जयपुर के सुमेल गांव में 64 एकड़ जमीन पर ‘सहकार वन’ विकसित करने के लिए ई-भूमि पूजन किया गया, जिसमें मियावाकी और सामान्य प्रणाली से खेजड़ी, रोहिड़ा व नीम जैसे स्वदेशी वृक्ष लगाए जाएंगे। इसके अलावा राज्य में 50 गोदामों का लोकार्पण, 10 का शिलान्यास और 100 गोदामों का हस्तांतरण हुआ।

​ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि सहकारिता की मजबूती से ही ग्रामीण भारत सशक्त होगा। दुग्ध उत्पादन में भारत का शीर्ष स्थान और उसमें सहकारी समितियों का योगदान इस बात का प्रमाण है कि किसानों की आय बढ़ाने में सहकारिता सबसे बड़ा माध्यम है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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