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पैक्स-लैम्पस कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल मिला सहकारिता मंत्री से; एचआर पॉलिसी जल्द लागू करने का मिला भरोसा

सार 

राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने लंबित मांगों के लिए विभाग पर दबाव बढ़ाया है। सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने प्रतिनिधिमंडल को जल्द एचआर पॉलिसी लागू करने का आश्वासन दिया है।

विस्तार 

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​जयपुर।| ङिजीटल ङेस्क 14 जुलाई |राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों और विभागीय समझौतों के क्रियान्वयन की मांग को लेकर विभाग पर दबाव बढ़ा दिया है। समिति ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पैक्स-लैम्पस (PACS-LAMPS) कर्मचारियों की उपेक्षा पर गहरी नाराजगी जताई है और मामले का तत्काल समाधान करने की मांग की है

​समिति के मदन मेनारिया, देवेन्द्र सैदावत, टिकेंद्र कटारा, सत्यनारायण तिवारी, नरपतसिंह चारण और जितेन्द्र सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने सरकार से आग्रह किया है कि विभागीय स्तर पर हुए पूर्व समझौतों को मूर्त रूप देते हुए इन मांगों को शीघ्र लागू किया जाए समिति ने आरोप लगाया कि राजस्थान में पैक्स-लैम्पस स्तर पर व्यवस्थापकों के कई पद रिक्त होने के बावजूद कर्मचारी केंद्र सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने में राज्य को देश में अव्वल बनाए हुए हैं। इसके बावजूद, उन्हें नीतिगत सुरक्षा से वंचित रखा गया है।

समिति के अनुसार, वर्तमान ढांचा अव्यावहारिक है, जिससे सहकारी आंदोलन कमजोर हो रहा है अपनी मांगों को लेकर संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री कार्यालय में ज्ञापन देने के पश्चात सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक और गृह राज्य मंत्री जवाहरसिंह बेढम से मुलाकात की। इस दौरान सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने प्रतिनिधिमंडल को लंबित ‘एचआर पॉलिसी’ (HR Policy) को जल्द से जल्द लागू करने का आश्वासन दिया है।

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एचआर पॉलिसी का इंतजार लंबा

​संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि सहकार सप्ताह के दौरान विभाग ने नाबार्ड (NABARD) की एचआर पॉलिसी (HR Policy) जारी करने की घोषणा की थी। हालांकि, घोषणा के काफी समय बीत जाने के बाद भी इस नीति का विमोचन नहीं हुआ है, जिससे कार्मिकों में भारी रोष है। कर्मचारियों का कहना है कि यह नीति उनकी सेवा सुरक्षा और कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने के लिए बेहद जरूरी है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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