सार
राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक की 70वीं आमसभा में बैंक को 71.14 करोड़ का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ हुआ है। बैठक में किसानों को 23,790 करोड़ के ऋण और चार नए जिला सहकारी बैंक खोलने की घोषणा पर चर्चा की गई।
विस्तार
जयपुर | प्रदेश डेस्क 28 सितंबर |दि राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लि., जयपुर की 70वीं आमसभा सोमवार को बैंक प्रशासक एवं शासन सचिव, सहकारिता डॉ. समित शर्मा की अध्यक्षता में हाइब्रिड मोड (Hybrid Mode) पर आयोजित की गई। बैठक में सहकारिता क्षेत्र की प्रगति, वित्तीय वर्ष के शानदार आंकड़ों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासक ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष (Financial Year) 2025-26 के दौरान बैंक को 71.14 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है, जो राज्य में सहकारिता के बढ़ते मजबूत कदमों को दर्शाता है।बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि बैंक द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI) के सभी मानदंडों जैसे सीआरएआर (CRAR), सीआरआर (CRR) और एसएलआर (SLR) की पूर्ण रूप से पालना की जा रही है।
वर्ष 2025-26 में केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से राज्य के 31.02 लाख किसानों को 23,790.89 करोड़ रुपये के अल्पकालीन फसली ऋण वितरित किए गए हैं। इसके अलावा, राज्य के 59,133 गोपालकों को गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना (Gopal Credit Card Scheme) के अंतर्गत 479.89 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।प्रशासक डॉ. समित शर्मा ने सदस्यों को अवगत कराया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा राज्य में 4 नए जिला केंद्रीय सहकारी बैंक—फलोदी, प्रतापगढ़, डीडवाना-कुचामन और बालोतरा—स्थापित करने की घोषणा की गई है। इन बैंकों के लिए रिजर्व बैंक (Reserve Bank) से अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। सहकारिता विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता और जनसेवा सुनिश्चित करने के लिए ‘आधार (Aadhaar) बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम (Based Attendance System)’ लागू किया गया है। पैक्स (PACS) के माध्यम से वित्तीय गड़बड़ियों को रोकने के लिए पैक्स कंप्यूटराइजेशन (PACS Computerisation) का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है, जिसके तहत 11.69 करोड़ के ईआरपी ट्रांजैक्शन (ERP Transactions) दर्ज करने वाला राजस्थान देश का प्रथम राज्य बन गया है।
इसके साथ ही, पैक्स कंप्यूटराइजेशन (PACS Computerisation) में ई-पैक्स (e-PACS) घोषित करने में राजस्थान दूसरे स्थान पर है।प्रबंध निदेशक श्री रणजीत सिंह चूंडावत द्वारा निर्धारित कार्यसूची के अनुसार एजेंडा (Agenda) प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। वर्ष 2025-26 के शुद्ध लाभ में से 14.21 करोड़ रुपये का लाभांश वितरित किए जाने की स्वीकृति भी सर्वसम्मति से प्रदान की गई। बैठक के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया गया।
राज्य में चार नए जिला सहकारी बैंक खोलने की तैयारी तेज, आरबीआई (RBI) से अनुमति जल्द

सहकारिता क्षेत्र के विस्तार और आमजन को बैंकिंग सेवाओं से सीधे जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राजस्थान में चार नए जिला सहकारी बैंक स्थापित किए जाने की घोषणा पर काम तेज हो गया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा घोषित इन चार नए सीसीबी बैंकों में फलोदी, प्रतापगढ़, डीडवाना-कुचामन और बालोतरा शामिल है , बैंक प्रशासक एव सहकारिता विभाग शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि इन नए बैंकों की स्थापना के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India – RBI) से अनुमति प्राप्त करने से जुड़े सभी आवश्यक प्रस्ताव और सूचनाएं तीव्र गति से तैयार की जा रही हैं। इन नए जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के धरातल पर उतरने से स्थानीय स्तर पर किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अंचल के लोगों को बैंकिंग और ऋण सुविधाएं प्राप्त करने में और अधिक सुगमता होगी। सहकारिता विभाग का मानना है कि इससे क्षेत्रीय विकास को तीव्र गति मिलेगी और वित्तीय समावेश (Financial Inclusion) का दायरा और अधिक व्यापक हो सकेगा।


