सार
Jaipur : सहकारिता विभाग शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने पारदर्शिता हेतु अधिकारियों को ‘टू-डू लिस्ट’ बनाने के निर्देश दिए हैं। इसमें प्रगति और समय-सीमा का उल्लेख अनिवार्य होगा, जिसके आधार पर ACR ग्रेडिंग तय की जाएगी।

विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क | 6 अप्रैल | सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता लाने के लिए सहकारिता विभाग शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा ने एक नई पहल की है। नेहरू सहकार भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभाग के सभी अधिकारी अपने आगामी कार्यों की एक व्यवस्थित ’टू-डू लिस्ट’ तैयार करें। डॉ. शर्मा ने जोर देकर कहा कि केवल कार्यों की सूची बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक कार्य के साथ उसकी वर्तमान प्रगति, भविष्य की कार्ययोजना (फ्यूचर प्लान ऑफ एक्शन) और उसे पूरा करने की संभावित समय-सीमा का उल्लेख करना अनिवार्य होगा।
बैठक के दौरान शासन सचिव ने सभी अनुभाग प्रभारियों के साथ उनके द्वारा तैयार की गई सूचियों पर गहन चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इस सूची में न केवल मुख्य कार्यों, बल्कि उनसे जुड़े उप-कार्यों और रूटीन से हटकर की जाने वाली नवीन पहलों को भी शामिल किया जाए। अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया गया कि उनके नियमित आवंटित कार्य और इस विशेष सूची के कार्य अलग-अलग होने चाहिए, ताकि लक्ष्य के प्रति स्पष्टता बनी रहे।

इस नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू अधिकारियों का मूल्यांकन होगा। डॉ. शर्मा ने कहा कि टू-डू लिस्ट की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी और कार्यों के निष्पादन के आधार पर अधिकारियों को ग्रेड दी जाएगी। यही ग्रेडिंग उनकी वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट (ACR) का मुख्य आधार बनेगी। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को भी पाबंद किया कि वे अपने अनुभाग के स्तर पर इन सूचियों की निरंतर मॉनिटरिंग करें। शासन सचिव का मानना है कि इस व्यवस्थित दृष्टिकोण से न केवल समयबद्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि विभाग के प्रत्येक अधिकारी की सक्रियता और आउटपुट का सटीक आकलन भी संभव हो सकेगा।


