Home | जयपुर | सहकारी बैंकों की एकमुश्‍त समाधान योजना 2024 से शारीरिक अक्षम, प्राकृतिक आपदाओं और औद्योगिक मंदी से पीड़ित ऋणी को मिल सकेगी राहत

सहकारी बैंकों की एकमुश्‍त समाधान योजना 2024 से शारीरिक अक्षम, प्राकृतिक आपदाओं और औद्योगिक मंदी से पीड़ित ऋणी को मिल सकेगी राहत

सार

Rajasthan News : सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने गुरूवार को बताया कि सहकारी बैंकों के लिये एकमुश्‍त समाधान योजना-2024 से शारीरिक रूप से अक्षम ऋणी और प्राकृतिक आपदाओं, औद्योगिक मंदी से पीड़ित ऋणी को भी मिल सकेगी राहत

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विस्तार

जयपुर, 24 अक्टूबर। प्रदेश की जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों एवं अपेक्स बैंक सहित सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियों एवं लैम्प्स के लिये एकमुश्‍त समाधान योजना (ओटीएस)-2024 लागू कर दी गई है। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने गुरूवार को बताया कि इस योजना के दायरे में ऐसे सभी प्रकार के कृषि एवं अकृषि ऋण आयेंगे जो कि 31 मार्च, 2020 को अवधिपार हो गये थे और उसके बाद 31 मार्च 2023 को अशोध्य एवं संदिग्ध (बेड एण्ड डाउटफुल) श्रेणी में वर्गीकृत किया जा चुका है।

श्री दक ने बताया कि पहली बार इस योजना के तहत दुर्घटना या अन्य किसी कारण से शारीरिक रूप से कमाने की स्थिति में नहीं होने वाले ऋणी को भी सम्मिलित कर राहत दी गई है। उन्होंने बताया कि कई बार प्राकृतिक आपदाओं और औद्योगिक मंदी के कारण ऋणी अपने ऋण का चुकारा समय पर नहीं कर पाता है और वह दुष्चक्र में फंस जाता है। ऐसे ऋणी सदस्यों को राहत देने और वे पुनः अपना कारोबार शुरू कर सके, इसलिये इस योजना को लागू किया गया है।

सहकारिता मंत्री ने बताया कि इस योजना का दायरा विस्तृत करते हुऐ इसमें अब व्यक्ति विशेष के अलावा संयुक्त हिन्दू परिवार, प्रोपराईटर/पार्टनरशिप फर्म, प्रा. लिमिटेड कम्पनी, सहकारी संस्थाऐं, स्वयं सहायता समूह आदि को भी सम्मिलित किया गया है। उन्होंने बताया कि यह योजना 31 मार्च, 2025 तक लागू रहेगी।

यह मिलेगी राहत

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सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक

सहकारिता मंत्री ने बताया कि ऋण जिस दिन को अवधिपार हुआ है उस दिन से 8 प्रतिशत या ऋण स्वीकृति पत्र में अंकित ब्याज दर, जो भी कम हो से देना होगा। यह ब्याज साधारण दर से वसूल किया जायेगा। उन्होंने बताया कि जिन ऋणों के विरूद्ध कोलेटरल सिक्योरिटी उपलब्ध नहीं है ऐसे प्रकरणों में यदि मूल राशि के बराबर ब्याज राशि बन रही है और 8 प्रतिशत की साधारण दर से ब्याज की गणना करने पर कुल राशि में से जो भी कम होगी को जमा कराया जायेगा।

ब्याज राशि को आधा वसूल किया जायेगा 

सहकारिता मंत्री ने बताया कि व्यक्तिगत ऋण, उपभोक्ता ऋण, स्वरोजगार क्रेडिट कार्ड योजना एवं राज्य प्रवर्तित योजनाओं के तहत लिये गये ऋणों के प्रकरण में ब्याज राशि को आधा ही वसूल किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिये आवेदक ऋणी को आवेदन पत्र के साथ कुल वसूल योग्य राशि का 25 प्रतिशत जमा कराना होगा तथा शेष राशि को अधिकतम दो किश्‍तों में 31 मार्च, 2025 तक जमा कराना होगा।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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