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सहकारी समितियों में कार्मिकों को वेतन देने का कार्य ग्राम सेवा सहकारी समिति का – सहकारिता मंत्री

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जयपुर, 22 सितम्बर। सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना ने गुरूवार को विधानसभा में कहा कि सहकारी समितियों के कार्मिकों की नियुक्ति ग्राम सेवा सहकारी समिति (जीएसएस) द्वारा होता है तथा समिति के द्वारा ही इनका वेतन दिया जाता है। श्री आंजना ने प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि राज्य सरकार द्वारा सहकारी समितियों को मजबूत करने तथा आवश्यकतानुसार खर्च करने के लिए 2 प्रतिशत की राशि समितियों के बचत खातें में जमा करवाई जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 2 प्रतिशत राशि इन समितियों के कार्मिकों के वेतन के पेटे में नहीं होती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 2 प्रतिशत राशि समितियों के बचत खातें में जमा करवाई जा चुकी है।

सहकारी समितियों के 1 हजार 483 कार्मिकों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है

इससे पहले श्री आंजना ने विधायक श्री मंजीत धर्मपाल चौधरी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि दी राजस्थान स्टेट कोपरेटिव बैंक लि. (शीर्ष बैंक) से प्राप्त सूचना अनुसार राज्य में 13 केन्द्रीय सहकारी बैंकों की 1 हजार 117 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के 1 हजार 483 कार्मिकों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। उन्होंने इसका विवरण सदन के पटल पर रखा।
श्री आंजना ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा समय पर ऋण का चुकारा करने वाले कृषकों के ऋण के पेटे 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान राशि सीधे ही केन्द्रीय सहकारी बैंकों को जमा की जाती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ब्याज मुक्त फसली ऋण योजनान्तर्गत उक्त ब्याज अनुदान राशि में से केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान राशि संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समितियों के बचत खाते में जमा की जाती है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा वर्ष 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के खातों में 2 प्रतिशत ब्याज राशि अनुदान पेटे जमा की गई है। उन्होंने इसका बैंकवार विवरण सदन के पटल पर रखा।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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