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दो साल से तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान पेटे स्वीकृत नहीं हो पाई राशि

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जयपुर । डिजिटल डेस्क | 9 मार्च | प्रदेश में ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs-Lamps) के माध्यम से वितरित होने वाले अल्पकालीन फसली ऋण (St Crop Loan) का समय पर चुकारा करने की एवज में देय 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान की राशि भारत सरकार स्तर से पिछले दो सालों से स्वीकृत नहीं हो पाई है। दरअसल, राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (Nabard) के क्षेत्रीय कार्यालय राजस्थान ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम 2005 के तहत ब्याज अनुदान को लेकर मांगी गई सूचना के क्रम में यह जानकारी उपलब्ध कराई है। साथ ही, केंद्रीय जन सूचना अधिकारी एवं नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. राजीव सिवाच द्वारा आरटीआई आवेदन में दी गई जानकारी के अनुसार, राजस्थान में ग्राम सेवा सहकारी समितियों को अल्पकालीन फसली ऋण वसूली में देय 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान के तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 में आरएससीबी यानि राजस्थान राज्य सहकारी बैंक को 2,28,94,10,409.00 रुपए वही वित्तीय वर्ष 2019-20 में आरएससीबी को 1,13,12,49,823.00 रुपए एवं वित्तीय वर्ष 2020-21 में आरएससीबी को 2,52,18,90,346.00 रुपए तथा वित्तीय वर्ष 2021-22 में आरएससीबी को 2,85,39,48,932.00 रुपए की राशि जारी की गई । इसके अलावा आरटीआई के जवाब में बताया गया कि वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 से संबंधित जानकारी भारत सरकार से राशि स्वीकृत होने के बाद ही उपलब्ध कराई जाएगी ।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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