सार
#Rajasthan अलवर और खैरथल-तिजारा जिलों में ग्राम सेवा सहकारी समितियों (PACS) में उर्वरक आपूर्ति में भ्रष्टाचार, मनमानी और जबरन टैगिंग के खिलाफ यूनियन ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
विस्तार

जयपुर/अलवर: जिला ङेस्क 25 जुलाई| राजस्थान बहुउद्देशीय सहकारी सोसायटी कर्मचारी यूनियन (जिला यूनिट अलवर व खैरथल-तिजारा) ने ग्राम सेवा सहकारी समितियों (PACS) में उर्वरक आपूर्ति के दौरान हो रही गंभीर अनियमितताओं, मनमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन जिलाध्यक्ष ने सहकारिता मंत्री, प्रमुख शासन सचिव कृषि और सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार सहित प्रमुख अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
जिलाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार सैदावत द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदुओं के अनुसार, जिला स्तर पर उर्वरक आपूर्ति और रैक आने की कोई पारदर्शी सूचना प्रणाली नहीं होने के कारण समितियों को यह पता ही नहीं रहता कि किस समिति को कितना कोटा मिलना चाहिए। इसके अलावा, इफको (IFFCO) और कृभको (KRIBHCO) के जिला स्तरीय इंचर्जों पर यह गंभीर आरोप है कि वे मोटी रकम और रिश्वत लेकर चुनिंदा पैक्स को गुप्त रूप से उर्वरक की सप्लाई कर रहे हैं, जिससे जरूरतमंद ग्रामीण पैक्स पूरी तरह वंचित रह जाती हैं।
कृषि विभाग की स्पष्ट रोक के बावजूद, कमीशनखोरी के चक्कर में डीएपी और यूरिया के साथ नैनो यूरिया, टॉनिक व कीटनाशक जैसे महंगे उत्पाद जबरन थोपे जा रहे हैं और उत्पाद न उठाने की स्थिति में मुख्य उर्वरक की आपूर्ति रोकने की धमकी दी जाती है। इन सभी अव्यावहारिक नीतियों, जबरन टैगिंग और कम मार्जिन के कारण अलवर और खैरथल-तिजारा जिले की ग्राम सेवा सहकारी समितियां निरंतर घाटे और दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुकी है


