Home राज्य राजस्थान विधानसभा में खुलासा: अपेक्स बैंक में M.Sc. (IT) की फर्जी डिग्री से लाभ उठाने वाले 41 कार्मिक चिह्नित, वेतन वृद्धि निरस्त

विधानसभा में खुलासा: अपेक्स बैंक में M.Sc. (IT) की फर्जी डिग्री से लाभ उठाने वाले 41 कार्मिक चिह्नित, वेतन वृद्धि निरस्त

सार

अपेक्स बैंक में फर्जी एम.एस.सी. (आई.टी.) डिग्रियों के आधार पर विशेष वेतन वृद्धि लेने का मामला सामने आया है। बैंक प्रशासन ने 41 कार्मिकों की डिग्रियां फर्जी पाए जाने पर उन्हें निरस्त कर दिया है। इन कार्मिकों की सेवा पुस्तिका से डिग्री विलोपित कर, भुगतान की गई राशि मय ब्याज वसूलने के निर्देश दिए गए हैं।

विस्तार

​जयपुर।॥डिजिटल ङेस्क 8 जुलाई ॥राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) में MMC (आई टी )फर्जी डिग्रियों के सहारे विशेष वेतन वृद्धि का लाभ उठाने का मामला सामने आया है। बैंक के 53 कार्मिकों ने एम.एस.सी. (आई.टी.) व समकक्ष डिग्रियों के आधार पर दो विशेष वेतन वृद्धियों का लाभ लिया था। जांच के दौरान इन डिग्रियों के फर्जी पाए जाने पर बैंक प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 41 कार्मिकों की वेतन वृद्धि निरस्त कर दी है और उनसे भुगतान की गई राशि मय ब्याज वसूलने के निर्देश दिए हैं

दरअचल राजस्थान विधानसभा में विधायक कालीचरण सराफ द्वारा पूछे गए एक तारांकित प्रश्न के उत्तर में विभाग के लिखित जवाब मे खुलासा हुआ सदन में पेश किए गए विवरण के अनुसार, बैंक के 53 कार्मिकों ने एम.एस.सी. (आई.टी.) या इसके समकक्ष योग्यता दिखाकर वेतन वृद्धि का लाभ लिया था।

इन डिग्रियों की वैधता की जांच के दौरान बैंक अधिकारियों ने इसे नियम विरुद्ध पाया जांच प्रक्रिया के दौरान, संबंधित 10 कार्मिकों ने राजस्थान उच्च न्यायालय की शरण ली और जांच पर स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त कर लिया। वहीं, 2 कार्मिकों की डिग्रियां जांच में मान्य पाई गईं। शेष 41 कार्मिकों की डिग्रियां जांच में सही नहीं निकलीं तथा बैंक प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए इन 41 कार्मिकों की सेवा पुस्तिका से एम.एस.सी. (आई.टी.) डिग्री को विलोपित (डिलीट) कर दिया है। इसके साथ ही, उन्हें भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न करने की चेतावनी देते हुए कारण बताओ पत्र भी जारी किए गए हैं।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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