सार
राजस्थान के चार जिलों- फलौदी, प्रतापगढ़, डीडवाना-कुचामन और बालोतरा में नए केंद्रीय सहकारी बैंकों के गठन के लिए 31.68 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
विस्तार

जयपुर। सहकारी जगत की ग्राउंड रिपोर्ट | 25 अगस्त |राज्य के चार जिलों में नए केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCBs) के गठन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक द्वारा सहकारिता विभाग पंजीयक कार्यालय अतिरिक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग) को इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। जिसके अनुसार, फलौदी, प्रतापगढ़, डीडवाना-कुचामन और बालोतरा जिलों में जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों की स्थापना के प्रस्तावों पर वित्त विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा अपनी सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा अलवर में आयोजित एक राज्य स्तरीय समारोह के दौरान राजस्थान के इन चार नए जिलों में नए केंद्रीय सहकारी बैंक शुरू करने की आधिकारिक घोषणा की गई थी। इस घोषणा के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर तेजी से काम शुरू हो गया है और इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
नाबार्ड द्वारा सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार को प्रस्तुत किए गए अप्रोच नोट के प्रावधानों के अनुसार, राज्य सरकार को प्रत्येक प्रस्तावित सहकारी बैंक के लिए एक-एक मुख्य समिति का गठन करना अनिवार्य है। इस दिशा में फलौदी जिले के लिए मुख्य सहकारी समिति का गठन पहले ही पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष तीन जिलों यथा प्रतापगढ़, डीडवाना-कुचामन और बालोतरा के लिए मुख्य समितियों का गठन संबंधित अतिरिक्त रजिस्ट्रार के स्तर से जल्द से जल्द पूरा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, नवगठित बैंकों को नियमों के अनुरूप पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीआरएआर) का न्यूनतम 9 प्रतिशत स्तर बनाए रखने के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।
4 नए बैंकों के लिए 31.68 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति
इस पूरी वित्तीय व्यवस्था के तहत, राज्य सरकार द्वारा चारों नए बैंकों के लिए भवन निर्माण, फर्नीचर और कंप्यूटर उपकरणों की खरीद हेतु कुल 14 करोड़ रुपये का पूंजीगत अनुदान तथा लगभग 17.68 करोड़ रुपये की राजकीय हिस्सा राशि उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की गई है। बैंकवार आंकड़ों के अनुसार फलौदी के लिए 4.37 करोड़ रुपये हिस्सा राशि, प्रतापगढ़ के लिए 4.16 करोड़, डीडवाना-कुचामन के लिए 4.03 करोड़, तथा बालोतरा के लिए 5.12 करोड़ रुपये की हिस्सा राशि प्रस्तावित है, जबकि चारों बैंकों के लिए 3.50-3.50 करोड़ रुपये (कुल 14 करोड़) का अनुदान तय किया गया है। इसके साथ ही, इन नवगठित बैंकों की अनुमति प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की विधिक अड़चन न होने का प्रमाण पत्र भी सुनिश्चित किया जा रहा है।


