Home राज्य राजस्थान सहकारिता विभाग की सख्ती: पैक्स स्तर पर अवधिपार ऋणों की वसूली के लिए नई एसओपी जारी, मॉनिटरिंग सेल करेगी निगरानी

सहकारिता विभाग की सख्ती: पैक्स स्तर पर अवधिपार ऋणों की वसूली के लिए नई एसओपी जारी, मॉनिटरिंग सेल करेगी निगरानी

सार

#Rajasthan सहकारिता विभाग ने पैक्स स्तर पर बढ़ते अवधिपार ऋणों की वसूली के लिए सख्त एसओपी जारी की है, जिसके तहत ग्रामवार सूचियां चस्पा करने, नोटिस भेजने और मॉनिटरिंग सेल द्वारा कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विस्तार

जयपुर:|प्रदेश डेस्क 25 अगस्त |सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार ने पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियां) स्तर पर वितरित अल्पकालीन फसली ऋणों की समय पर अदायगी न होने और लगातार बढ़ते अवधिपार (ओवरड्यू) ऋणों की समस्या से कड़ाई से निपटने के लिए एक नई और सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। कार्यालय रजिस्ट्रार, सहकारी समितियाँ द्वारा जारी इन निर्देशों का उद्देश्य सहकारी बैंकों और पैक्स के वित्तीय स्वास्थ्य को सुधारना तथा ऋण वसूली प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।

नई व्यवस्था के तहत अब पैक्स स्तर पर सभी अवधिपार ऋणियों की ग्रामवार और अद्यतन सूचियां तैयार कर समिति कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएंगी। ऋणों को 1, 3, 5 और 10 वर्ष जैसी समयावधि के स्लैब में बांटा जाएगा, ताकि सबसे पुराने बकाएदारों से वसूली को प्राथमिकता दी जा सके। इसके अलावा, प्रत्येक ऋणी के वर्तमान पते और मोबाइल नंबर का भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से समिति भवन पर एकमुश्त समझौता योजना (ओटीएस) से संबंधित बैनर और बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।विभाग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक डिफाल्टर को निर्धारित प्रारूप में पूर्ण विवरण के साथ वसूली नोटिस जारी किया जाएगा, जिसकी तामीली मोबाइल, व्यक्तिगत या डाक के जरिए सुनिश्चित की जाएगी।

इस पूरी प्रक्रिया का लेखा-जोखा रखने के लिए हर पैक्स में एक अलग वसूली कार्यवाही रजिस्टर संधारित करना होगा। ऋणों की वसूली में तेजी लाने के लिए व्यक्तिगत मुलाकातों और परिजनों के माध्यम से समझाइश के प्रयास भी किए जाएंगे। इस पूरी मुहिम की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों, जिला उप रजिस्ट्रार कार्यालयों और एपेक्स बैंक स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग सेल गठित कर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने का प्रावधान किया गया है।

​अवधिपार ऋणों की होगी ग्रामवार सूची चस्पा, पुराने बकाएदार रहेंगे प्राथमिकता में

​सहकारिता विभाग की नई एसओपी के तहत अब हर पैक्स कार्यालय में अवधिपार ऋणों की ग्रामवार सूचियां सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएंगी। इन सूचियों में ऋण राशि, ब्याज, स्वीकृति तिथि और डिफाल्टर होने का समय स्पष्ट रूप से दर्ज होगा। 1 से 10 साल तक पुराने बकाएदारों को अलग श्रेणियों में बांटकर अत्यंत पुराने ऋणों की वसूली को सबसे पहले प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि समितियों का अटका हुआ धन समय पर वापस आ सके।

​ नोटिस तामीली से लेकर रजिस्टर संधारण तक होगी सख्त निगरानी

​नई प्रक्रिया के तहत प्रत्येक अवधिपार ऋणी को विधिवत वसूली पत्र भेजना अनिवार्य किया गया है जिसकी तामीली मोबाइल, डाक या व्यक्तिगत माध्यम से कराई जाएगी। पैक्स स्तर पर एक अलग वसूली रजिस्टर बनेगा जिसमें नोटिस भेजने से लेकर ऋणी से संपर्क और मिलने वाली राशि का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। केन्द्रीय सहकारी बैंकों और उप रजिस्ट्रार कार्यालयों में विशेष मॉनिटरिंग सेल बनाकर इस पूरी वसूली प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की जाएगी।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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