सार
राजस्थान सहकारिता विभाग ने प्रदेश के 22 केंद्रीय सहकारी बैंकों ( DCCBs) में पहली बार पूर्णकालिक प्रबंध निदेशकों (MD)की नियुक्ति की है। यह ऐतिहासिक निर्णय बैंकों की दक्षता बढ़ाने और आरबीआई मानकों के अनुरूप सुदृढ़ बनाने के लिए लिया गया है।
विस्तार

जयपुर। | ङिजीटल ङेस्क 11 जुलाई |राजस्थान सहकारिता विभाग ने प्रदेश के सहकारी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में एक साहसिक और सकारात्मक कदम उठाया है।
विभाग ने देर रात एक महत्वपूर्ण आदेश जारी कर प्रदेश की सभी 22 केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCB) में पहली बार पूर्णकालिक प्रबंध निदेशकों (MD) की तैनाती की है। यह निर्णय पिछले पांच वर्षों में सहकारिता विभाग द्वारा लिए गए सबसे बड़े और निर्णायक प्रशासनिक बदलावों में से एक माना जा रहा है
सहकारिता विभाग के इस निर्णय के तहत राज्य सहकारिता सेवा के अतिरिक्त रजिस्ट्रार और संयुक्त रजिस्ट्रार स्तर के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों को इन बैंकों की कमान सौंपी गई है। यह नियुक्ति न केवल बैंकों के संचालन को गति देगी, बल्कि उन्हें आरबीआई (RBI) लाइसेंस शुद्धा वाणिज्यिक संस्थानों की तर्ज पर व्यावसायिक रूप से प्रतिस्पर्धी भी बनाएगी प्रशासनिक कसावट से किसानों और आम सदस्यों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
मंत्री के विजन से मिली नई दिशा
जानकारों का कहना है कि यह फेरबदल प्रदेश के सहकारिता मंत्री के स्पष्ट विजन और उनके दिशा-निर्देशों का परिणाम है। विभाग ने लंबे समय से चली आ रही ‘फिट एंड प्रॉपर’ (Fit and Proper) मानदंड की मांग को पूरा करते हुए यह कदम उठाया है। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य सहकारी बैंकों के प्रबंधन में जवाबदेही तय करना और किसान हितैषी सेवाओं में पारदर्शिता लाना है।

सहकार जगत में खुशी, नेतृत्व के प्रति उम्मीदें
इस सकारात्मक पहल का सहकारी आंदोलन से जुड़े प्रबुद्धजनों ने स्वागत किया है। सहकार नेता सूरजभान सिंह आमेरा ने इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि, “सीसीबी में पूर्णकालिक प्रबंध निदेशक लगाना एक ऐतिहासिक निर्णय है। इससे जमीनी स्तर पर सहकारी आंदोलन को मजबूती मिलेगी और बैंकों के कामकाज में नई ऊर्जा का संचार होगा।


