सार
राजस्थान सहकारिता विभाग ने महिला सशक्तिकरण के तहत 13 महिला बहुउद्देशीय ग्राम सेवा सहकारी समितियों के लिए वित्तीय सहायता जारी की है। समितियों को 7 दिन में उपयोगिता प्रमाण पत्र देना होगा।
विस्तार
जयपुर |प्रदेश डेस्क 22 अगस्त |राजस्थान सरकार के सहकारिता विभाग ने प्रदेश की महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए महिला बहुउद्देशीय ग्राम सेवा सहकारी समितियों के लिए वित्तीय सहायता जारी की है। रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, डॉ. समित शर्मा द्वारा जारी आदेशानुसार, बजट घोषणा 2023-24 के क्रियान्वयन के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में कार्यरत महिला सहकारी समितियों को हिस्सा राशि प्रदान करने की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
यह वित्तीय सहायता राज्य निधि के तहत स्वीकृत की गई है, जिसका उद्देश्य महिला सहकारी समितियों के सृजन और उनके सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना है। विभाग द्वारा सिरोही, झुंझुनूं, करौली, सवाई माधोपुर, अजमेर, जालौर और डीडवाना-कुचामन सहित प्रदेश के कई जिलों की समितियों को यह राशि आवंटित की गई है। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से यह धनराशि सीधे समितियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
विभाग ने इस वित्तीय सहायता के उपयोग को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए हैं। नियमानुसार, संबंधित महिला समितियों को यह हिस्सा राशि अपने खाते में प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilisation Certificate) विभागीय कार्यालय को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। इस पहल से ग्रामीण अंचल में महिला सहकारी समितियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और वे आर्थिक रूप से अधिक स्वावलंबी बन सकेंगी।
विभिन्न जिलों की 13 समितियों को मिलेगा लाभ
राज्य सहकारिता विभाग द्वारा जारी इस वित्तीय सहायता का लाभ प्रदेश के विभिन्न जिलों की कुल 13 महिला बहुउद्देशीय ग्राम सेवा सहकारी समितियों को मिलेगा। इनमें सिरोही की दो समितियों को 3-3 लाख रुपये की उच्च सहायता राशि स्वीकृत की गई है, जबकि अन्य जिलों जैसे झुंझुनूं, करौली, सवाई माधोपुर, अजमेर, जालौर , ब्यावर, और डीडवाना-कुचामन की ग्यारह समितियों को 1.50-1.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस आवंटन से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व वाली इन सहकारी इकाइयों को अपने दैनिक संचालन और गतिविधियों के विस्तार के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध हो सकेगी।
साथ दिनों के भीतर देना होगा उपयोगिता प्रमाण पत्र
सहकारिता विभाग पंजीयक कार्यालय ने वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी लाभार्थी महिला समितियों के लिए एक समय सीमा तय की है। आदेश के अनुसार, समितियों को उनके बैंक खातों में राशि हस्तांतरित होने के 7 दिवस के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र विभाग को भिजवाना अनिवार्य होगा। रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया है कि संबंधित जिला उप रजिस्ट्रार और केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हिस्सा राशि सही समय पर समितियों को मिले और खर्च का पूरा रिकॉर्ड नियमानुसार विभागीय पोर्टल या कार्यालय में जमा हो।


