सार
New Delhi : केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूरे होने पर कहा कि सहकारी आंदोलन 2047 तक ‘समृद्ध भारत’ की नींव बनेगा, जो पारदर्शी और आधुनिक बनेगा।

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नई दिल्ली । डिजिटल डेस्क। 6 जुलाई। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों में सहकारिता मंत्रालय ने देश के 30 करोड़ लोगों में नई ऊर्जा का संचार किया है। शाह ने रविवार को नई दिल्ली में सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 2047 में जब देश आज़ादी की शताब्दी मनाएगा, तब ‘समृद्ध भारत’ की सबसे मजबूत नींव सहकारी आंदोलन ही होगा
शाह ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में सहकारी आंदोलन उपेक्षा का शिकार रहा और उसे दोयम दर्जे का माना गया। लेकिन मोदी सरकार ने अलग सहकारिता मंत्रालय बनाकर इस क्षेत्र को ‘प्राण वायु’ देने का ऐतिहासिक काम किया है। उन्होंने विरोधी दलों के इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि मंत्रालय राज्यों के काम में दखल दे रहा है। शाह ने स्पष्ट किया कि मंत्रालय का उद्देश्य राज्यों के काम में दखल देना नहीं, बल्कि उनके उत्कर्ष के लिए नीति निर्माण और सहयोग करना है।
समारोह की शुरुआत में गृह मंत्री शाह ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के बलिदान के बिना कश्मीर, असम और बंगाल का वर्तमान स्वरूप कल्पना से परे था। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन सिंह’, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर व मुरलीधर मोहोल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण भी किया गया।

डिजिटल डेटाबेस और आधुनिक प्रबंधन
सहकारिता मंत्री ने बताया कि अब 32 करोड़ सदस्यों और 8 लाख 50 हजार सहकारी संस्थाओं का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार कर लिया गया है। इससे पारदर्शिता आई है और कार्यकुशलता बढ़ी है। त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब पैक्स से लेकर एपेक्स तक पेशेवर मैनेजमेंट लागू किया जाएगा, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और नियुक्तियों में पारदर्शिता आएगी।
इन प्रमुख पहलों का हुआ शुभारंभ:
- नई सहकारी समितियां: डेयरी, बीज, निर्यात और जैविक उत्पादन के लिए 9 नई राष्ट्रीय स्तर की समितियां बनाई गई हैं।
- बीज क्रांति: भारत बीज सहकारी समिति अगले तीन वर्षों में देश की सबसे बड़ी बीज कंपनी बनेगी, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज मिलेंगे।
- बैंकिंग में मजबूती: जिला सहकारी बैंकों का कारोबार 19.6 लाख करोड़ से बढ़कर 25 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
- गोमय समिति: जैविक खाद और ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ‘गोमय सहकारी समिति लिमिटेड’ का उद्घाटन किया गया।
- शहरी बैंकों के लिए तकनीक: शहरी सहकारी बैंकों के लिए एआई-संचालित प्लेटफॉर्म ‘सहकार सहयोगी’ का अनावरण किया गया।
पैक्स बने ‘बहुउद्देशीय सेवा केंद्र’
शाह ने बताया कि पैक्स (PACS) को केवल कर्ज देने तक सीमित रखने के बजाय अब उन्हें बहुउद्देशीय केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है। आज 55,000 पैक्स के माध्यम से सीएससी (CSC) सेवाएं, जन औषधि केंद्र और किसान समृद्धि केंद्र चल रहे हैं। 3,000 करोड़ रुपये की लागत से इनका कंप्यूटरीकरण किया गया है, जिससे 50,000 पैक्स ‘ई-पैक्स’ बन गए हैं।


