सारांश
राजस्थान के अपेक्स और केंद्रीय सहकारी बैंकों में आरबीआई (RBI) की पूर्व अनुमति एवं ‘फिट एंड प्रॉपर’ (Fit and Proper) नियमों के बिना एमडी (MD) तैनात करने पर सहकारिता विभाग ने सरकार द्वारा नियुक्ति की बात मानी, परंतु अपात्र अधिकारियों को हटाने से इनकार कर दिया।
विस्तार 
जयपुर | सहकारी जगत ग्राउंड रिपोर्ट 17अक्टूबर |राजस्थान के अपेक्स बैंक (Apex Bank) और क्षेत्रीय केंद्रीय सहकारी बैंकों ( DCCBs) में प्रबंध निदेशकों (Managing Directors) की नियुक्ति को लेकर 16वीं राजस्थान विधानसभा में कोटा उत्तर के विधायक एवं पूर्व मंत्री शांति धारीवाल द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न (Unstarred Question) के जवाब में सहकारिता विभाग (Cooperative Department) ने लिखित रूप में स्वीकार किया है कि राज्य के शीर्ष और केंद्रीय सहकारी बैंकों में प्रबंध निदेशकों की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा की जाती है और इसके पश्चात् प्रस्ताव भेजकर भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India – RBI) से अनुमति ली जाती है।
आरबीआई और नाबार्ड के सख्त नियम: 62 वर्ष तक आयु व 8 वर्ष का बैंकिंग अनुभव अनिवार्य
सहकारिता विभाग द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, अपेक्स और केंद्रीय सहकारी बैंकों में मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director/ Chief Executive Officer ) के पद पर नियुक्ति के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नाबार्ड (NABARD) के अत्यधिक सख्त मापदंड निर्धारित हैं। आरबीआई (RBI) की गाइडलाइन (Guideline) और नाबार्ड (NABARD) के संशोधित सर्कुलर (Revised Circular) के अनुसार एमडी (MD) पद पर नियुक्ति के समय उम्मीदवार की अधिकतम आयु सीमा 62 वर्ष तय की गई है, जबकि सेवानिवृत्ति (Retirement) की अधिकतम सीमा 70 वर्ष है। शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification) के तौर पर उम्मीदवार के पास स्नातक (Graduation) के साथ CAIIB, DBF, डिप्लोमा इन कोऑपरेटिव बिजनेस मैनेजमेंट (Diploma in Cooperative Business Management) या फिर सीए (CA – Chartered Accountant), कॉस्ट अकाउंटेंट (CMA) अथवा किसी भी विषय में स्नातकोत्तर (Post Graduation) की डिग्री होना अनिवार्य है। कार्य अनुभव (Work Experience) के मोर्चे पर आरबीआई (RBI) के ‘फिट एंड प्रॉपर क्राइटेरिया’ के अनुसार उम्मीदवार को किसी भी ग्रामीण सहकारी बैंक (Rural Cooperative Bank), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (Regional Rural Bank – RRB) या अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (Scheduled Commercial Bank) के मध्य या वरिष्ठ अधिकारी कैडर (Scale-III या सीईओ से दो स्तर नीचे) में कम से कम 8 वर्ष काम करने का अनुभव होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवार को राजस्थान की सहकारिता नीति (Cooperative Policy) और पैक्स (Primary Agricultural Credit Societies – PACS) का व्यावहारिक ज्ञान होना भी जरूरी माना गया है।
हालांकि, जब विधानसभा में सवाल पूछा गया कि कितने बैंकों में आरबीआई (RBI) की बिना पूर्व स्वीकृति और नियमानुसार ‘फिट एंड प्रॉपर क्राइटेरिया’ (Fit and Proper Criteria) को पूरा किए बिना प्रबंध निदेशक (MD) तैनात किए गए हैं, तो विभाग ने स्पष्ट आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए। सहकारिता विभाग के संयुक्त शासन सचिव (Joint Secretary) प्रहलाद सहाय नागा की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया कि प्रबंध निदेशक (MD) की नियुक्ति विभाग द्वारा अधिकारियों के कार्यानुभव (Work Experience) और योग्यता (Qualification) के आधार पर की जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि सरकार ने अपात्र या नियमों के विपरीत तैनात प्रबंध निदेशकों (MDs) को हटाने की संभावना से साफ इनकार कर दिया है। सहकारिता विभाग और बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट (Banking Regulation Act) के उल्लंघन के आरोपों पर विभाग का तर्क है कि प्रबंध निदेशकों की नियुक्ति स्वयं बैंकों द्वारा नहीं, बल्कि राज्य सरकार के सहकारिता विभाग द्वारा की जाती है। इस जवाब के बाद बैंकिंग और सहकारिता क्षेत्र में केंद्रीय दिशा-निर्देशों (आरबीआई और नाबार्ड) की अनदेखी को लेकर प्रशासनिक व राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हो गई हैं।


