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खरीफ सीजन 2023 में लिये गये फसली ऋण की अंतिम देय तिथि 31 मार्च तक

सार

Jalore News : केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड जालोर की सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियों के अल्पकालीन फसली ऋणी सदस्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा खरीफ सीजन-2023 में लिये गये फसली ऋण की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2024 निर्धारित की गई है।

हाइलाइट्स

ऋणी सदस्य बकाया अल्पकालीन ऋण जमा कर ब्याज अनुदान का ले सकेंगे लाभ
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विस्तार

जालोर 11 मार्च। केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड जालोर की सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियों के अल्पकालीन फसली ऋणी सदस्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा खरीफ सीजन-2023 में लिये गये फसली ऋण की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2024 निर्धारित की गई है। ऋणी सदस्य देय तिथि से पूर्व अपना बकाया अल्पकालीन ऋण जमा करवाकर ब्याज अनुदान का लाभ उठा सकते हैं।
दी जालोर सेण्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि. के प्रबंध निदेशक ओमपाल सिंह भाटी ने बताया कि ऋण चुकाने की निर्धारित समयावधि 31 मार्च, 2024 तथा अथवा इससे पूर्व बकाया ऋणों का चुकारा करने पर ही किसानों को राज्य सरकार द्वारा देय 4 प्रतिशत एवं भारत सरकार द्वारा देय 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ प्राप्त होगा साथ ही जो कृषक सदस्य देय निर्धारित तिथि तक बकाया ऋण जमा करवायेंगे, वे अवधिपार (डिफॉल्टर) होने से बच जायेंगे एवं आगामी खरीफ 2024 में पुनः ऋण प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने फसली ऋण के सभी कृषक सदस्यों को सूचित किया है कि यदि ऋणी कृषक सदस्य द्वारा निर्धारित देय तिथि तक ऋण नहीं चुकाने से ऋण अवधिपार होने की स्थिति में उन्हें 4 एवं 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान की छूट प्राप्त नहीं होगी। ऋण अवधिपार हो जाने पर कृषक से ऋण वितरण की दिनांक से ब्याज वसूल किया जायेगा तथा वे कृषक पुनः प्राप्त करने के लिए पात्रता नहीं रखेंगे।
उन्होंने सभी ऋणी सदस्यों से आग्रह किया हैं कि वे बकाया अल्पकालीन फसली ऋण का चुकारा 31 मार्च, 2024 से पूर्व अपना ऋण यथाशीघ्र जमा करावें।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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