Home जयपुर न्यूनतम समर्थन मूल्य : कृषक पंजीयन सीमा को 20 प्रतिशत तक बढ़ाया

न्यूनतम समर्थन मूल्य : कृषक पंजीयन सीमा को 20 प्रतिशत तक बढ़ाया

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सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना – फाइल फोटो 

जयपुर, 24 मई। सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना ने मंगलवार को बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना बेचान करने के लिए किसानों की पंजीयन सीमा को 20 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। राज्य के 22 जिलों के 152 केन्द्रों पर चने की निर्धारित पंजीकरण सीमा पूर्ण होने के कारण पंजीयन सीमा में 20 प्रतिशत वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। इससे 7 हजार 693 और किसानों को लाभ मिलेगा। किसान 25 मई से चना बेचान के लिए पंजीयन करा सकेंगे। श्री आंजना ने बताया कि अब तक 97 हजार 388 किसानों ने चना विक्रय के लिए पंजीकरण करवाया है। इनमें से 68 हजार 925 किसानों को तुलाई दिनांक आवंटित कर दी गई है तथा 43 हजार 369 किसानों से 90 हजार 660 मीट्रिक टन चना खरीदा गया है, जिसकी राशि 474 करोड़ रूपए है। न्यूनतम समर्थन मूल्य चना खरीद 29 जून तक होगी। सहकारिता मंत्री ने बताया कि चना खरीद की पंजीयन सीमा 20 प्रतिशत बढ़ाने से राज्य के 22 जिलों यथा अजमेर, अलवर, बारां, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौडगढ़, दौसा, जयपुर, जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनू, जोधपुर, नागौर, पाली, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, सीकर, श्रीगंगानगर, टोंक, उदयपुर जिलों के संबंधित 152 केन्द्रों पर किसान पंजीयन करवा सकेंगे। प्रबन्ध निदेशक, राजफैड श्रीमती उर्मिला राजोरिया ने बताया कि सरसों के बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य 5050 रूपए प्रति क्विंटल से अधिक होने के कारण किसान समर्थन मूल्य केन्द्रों पर न आकर बाजार में सरसों का विक्रय कर रहे हैं। श्रीमती राजोरिया ने यह भी बतलाया कि मौसम में आ रहे बदलाव के फलस्वरूप समस्त क्रय केन्द्र प्रभारियों को क्रय कृषि जिन्स चने को सुरक्षित रखने के लिए कारगर कदम उठाने के लिए निर्देशित किया गया जिसके तहत त्रिपाल आदि की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।

श्रीमती उर्मिला राजोरिया ने बताया कि जिन्स तुलाई के लिए आने वाले कृषकों के लिए पेयजल, छाया तथा शीघ्र परिवहन की व्यवस्था कर दो दिवस में भण्डारण रसीदें जारी कराने के प्रयास किये जा रहे है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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