सार
बाड़मेर की धनाऊ ग्राम सेवा सहकारी समिति (PACS) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,51,021.67 (दो लाख इक्यावन हजार इक्कीस रुपये और सड़सठ पैसे) रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। सुदृढ़ प्रबंधन, पारदर्शिता और किसानों के समर्पण से यह सीमावर्ती क्षेत्र में सहकार आंदोलन की सबसे मजबूत और अनुकरणीय इकाई बन गई है।
विस्तार 
बाड़मेर | जिला डेस्क 22 सितंबर |सीमावर्ती क्षेत्र में सहकारी आंदोलन की सबसे छोटी और मजबूत इकाई के रूप में पहचान बना चुकी धनाऊ ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड (PACS) की कार्यप्रणाली एक बार फिर मील का पत्थर साबित हुई है। समिति का वित्तीय वर्ष 2025-26 का कार्यकाल बेहद सफल रहा, जिसमें संस्था ने तमाम चुनौतियों को पार करते हुए 2,51,021.67 (दो लाख इक्यावन हजार इक्कीस रुपये और सड़सठ पैसे)रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। समिति के इस वित्तीय उत्थान और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर आयोजित वार्षिक साधारण आमसभा (AGM) में विस्तार से चर्चा की गई।समिति की आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की शुरुआत दिवंगत संचालक मंडल सदस्य लिखमाराम गोरा को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद, अध्यक्ष मगाराम चौधरी और व्यवस्थापक दोलाराम मंडा ने सदन के समक्ष लेखा परीक्षक की रिपोर्ट, लाभ-हानि खाता और व्यापारिक विवरण प्रस्तुत किए। वित्तीय वर्ष के दौरान खाद बिक्री (लगभग 2.32 करोड़ रुपये) और मियादी तथा अन्य खातों से प्राप्त ब्याज के जरिए समिति की वित्तीय स्थिति बेहद सुदृढ़ नजर आई।आमसभा के दौरान किसानों को रासायनिक खादों (यूरिया व डीएपी) के संतुलित उपयोग के साथ-साथ नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को अपनाने की विशेष सलाह दी गई। बैठक में सर्वसम्मति से आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लेखा परीक्षक (ऑडिटर) की नियुक्ति और ऑडिट रिपोर्ट के आक्षेपों की पूर्ति पर मुहर लगाई गई। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष मगाराम चौधरी, उपाध्यक्ष सुमारखान हालेपोत्रा, मांगीलाल जैन, भेराराम मूंड, सह व्यवस्थापक गेनाराम पूनियां, तेजाराम भांभू, एलडीसी गोगासिंह, कुंभाराम मेघवाल, शंभूराम भील, भागो बाई, केसाराम शर्मा सहित बड़ी संख्या में संचालक मंडल के सदस्य एवं क्षेत्र के किसान मौजूद रहे।
सीमावर्ती क्षेत्र में सहकारिता की सबसे मजबूत इकाई धनाऊ पैक्स: अतीत, वर्तमान और सराहनीय प्रयास

थार के मरुस्थल और विषम भौगोलिक परिस्थितियों से घिरे बाड़मेर जिले के धनाऊ क्षेत्र में धनाऊ ग्राम सेवा सहकारी समिति (PACS) सहकार आंदोलन की रीढ़ बन चुकी है। कभी सीमित संसाधनों के सहारे चलने वाली यह संस्था आज अपने सुदृढ़ प्रबंधन, पारदर्शिता और किसानों के प्रति समर्पण भाव के कारण क्षेत्र की सबसे मजबूत और अनुकरणीय इकाई के रूप में उभरी है।अतीत के संघर्षों से निकलकर वर्तमान कार्य-परिदृश्य तक का सफर तय करने वाली इस पैक्स ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह साबित कर दिया है कि सही दिशा में उठाए गए कदम किस तरह संस्था को मुनाफे में ला सकते हैं। व्यापारिक खातों और संतुलन चित्र (बैलेंस शीट) के अनुसार, समिति ने न केवल खाद और कृषि उपकरणों का उचित प्रबंधन किया, बल्कि मिनी बैंक के माध्यम से सदस्यों को समय पर ऋण और अमानतों का लाभ भी दिया।समिति का यह सफर केवल वित्तीय आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने, इफको किसान सभा के जरिए कृषि गोष्ठियां आयोजित करने और उर्वरकों के उचित उपयोग का संदेश देने का एक सराहनीय प्रयास है। धनाऊ पैक्स का यह सकारात्मक मॉडल अन्य सहकारी समितियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है, जो यह दर्शाता है कि ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने में पैक्स की भूमिका सबसे अहम है।


