Home जयपुर 30 और 31 मार्च को सीसीबी में सीबीएस सॉफ्टवेयर खुला रखने के निर्देश

30 और 31 मार्च को सीसीबी में सीबीएस सॉफ्टवेयर खुला रखने के निर्देश

सार 

Rajasthan : राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (RSCB) प्रबंध निदेशक संजय पाठक ने समस्त प्रबंध निदेशक सीसीबी को 30 मार्च एवं 31 मार्च 2025 को सीबीएस सॉफ्टवेयर (CBS Software) खुला रखने के साथ फसली ऋणों की लेन-देन आवश्यकतानुसार सीसीबी शाखा स्तर से करने के दिए निर्देश

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File Photo RSCB (Mkm News Jaipur)

विस्तार 

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 29 मार्च | प्रदेश में ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs & Lamps) के माध्यम से खरीफ 2024 में वितरित ऋणों में से 29 मार्च 2025 तक 3 लाख 37 हजार 459 किसानों के 1195.59 करोड़ रुपए की वसूली बकाया के चलते राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (RSCB) प्रबंध निदेशक संजय पाठक ने समस्त प्रबंध निदेशक सीसीबी को पत्र जारी कर अंतिम 2 दिन 30 मार्च एवं 31 मार्च 2025 को सीबीएस सॉफ्टवेयर (CBS Software) खुला रखने के साथ फसली ऋणों (Crop Loan) की लेन-देन आवश्यकतानुसार सीसीबी शाखा स्तर से करने के निर्देश दिए है। साथ ही, पत्र में बताया गया हैं कि देय तिथि तक ऋणों का चुकारा नहीं करने वाले कृषकों को शून्य प्रतिशत ब्याज योजना का लाभ प्राप्त नहीं के साथ-साथ अवधिपार ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा, जिसे कृषकों के हितों के विपरीत बताते हुए अपेक्स बैंक प्रबंध निदेशक ने सीसीबी प्रबंध निदेशक को बैंक स्तर पर कार्य-योजना बनाकर खरीफ, 2024 में वितरित ऋणों की शत प्रतिशत वसूली करने तथा ब्याज मुक्त योजना में रबी, 2024-25 के शेष रहे लक्ष्यों के अनुरूप ऋण वितरण सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है।

सर्वाधिक बाड़मेर तो न्यूनतम सिरोही में

अपेक्स बैंक की ओर से 29 मार्च 2025 तक के प्राप्त आंकड़ो के मुताबिक वर्ष 2024 खरीफ सीजन के दौरान वितरित अल्पकालीन फसली ऋणों की बकाया वसूली के क्रम में बाड़मेर सीसीबी में 445 करोड़, जोधपुर सीसीबी में 171 करोड़, जैसलमेर सीसीबी में 108 करोड़, नागौर सीसीबी में 106 करोड़, अलवर सीसीबी में 37 करोड़, वही श्रीगंगानगर सीसीबी और चित्तौड़गढ़ सीसीबी में 32 करोड़, भीलवाड़ा सीसीबी में 30 करोड़, जालोर सीसीबी में 24 करोड़, बीकानेर सीसीबी में 20 करोड़, पाली सीसीबी में 19 करोड़, भरतपुर सीसीबी में 17 करोड़, जयपुर सीसीबी और झालावाड़ सीसीबी में 15 करोड़, सवाई माधोपुर सीसीबी में 13 करोड़, हनुमानगढ़ सीसीबी और अजमेर सीसीबी में 12 करोड़, सीकर सीसीबी में 11 करोड़, इसी प्रकार बांसवाड़ा सीसीबी में 10 करोड़, उदयपुर सीसीबी में 9 करोड़, दौसा सीसीबी, झुंझुनूं सीसीबी, टोंक सीसीबी में 6 करोड़, चूरू सीसीबी और डूंगरपुर सीसीबी में 5 करोड़ तथा बारां सीसीबी, बूंदी सीसीबी, कोटा सीसीबी में 4 करोड़, तो सिरोही सीसीबी में न्यूनतम 3 करोड़ शेष बताई जा रही है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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