Home | cooperative | जालोर | कृषि विज्ञान केंद्र जालोर में पैक्स (PACS) कार्मिकों के 15 दिवसीय उर्वरक (Fertilizer) विक्रेता प्रशिक्षण का शुभारंभ

कृषि विज्ञान केंद्र जालोर में पैक्स (PACS) कार्मिकों के 15 दिवसीय उर्वरक (Fertilizer) विक्रेता प्रशिक्षण का शुभारंभ

सार:

जालोर के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में ग्राम सेवा सहकारी समितियों (PACS) के 30 कार्मिकों के लिए 15 दिवसीय खुदरा उर्वरक विक्रेता (Retail Fertilizer Dealer) प्रशिक्षण शुरू हुआ। इसका उद्देश्य खाद बिक्री, लाइसेंस नियमों और कंप्यूटराइजेशन (Computersation) में निपुण बनाकर ग्रामीण सहकारिता को आत्मनिर्भर बनाना है।

विस्तार:IMG 20261021 WA0021

जालोर | जिला डेस्क (District Desk), 21 अक्टूबर|ग्रामीण क्षेत्र में सहकारी आंदोलन (Cooperative Movement) को गति देने और ग्राम सेवा सहकारी समितियों (PACS) को आत्मनिर्भर (Self-reliant) बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र में जालोर जिले की समितियों के 30 कर्मचारियों (Staff/Personnel) के लिए खुदरा उर्वरक विक्रेता (Retail Fertilizer Dealer) हेतु 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण बैच (Training Batch) का शुभारंभ किया गया।

समारोह में केंद्रीय सहकारी बैंक (Central Cooperative Bank) जालोर के प्रबंध निदेशक (Managing Director ) एवं राज्य सहकारिता सेवा के वरिष्ठ अधिकारी (Senior Officer) नारायणसिंह चारण तथा कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी उपस्थित ( रहे। समारोह को संबोधित करते हुए प्रबंध निदेशक ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) को मजबूती प्रदान करने में पैक्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस व्यावहारिक प्रशिक्षण (Practical Training) का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को उर्वरक बिक्री (Fertilizer Sale), भंडारण (Storage), लाइसेंस (Licence) के कानूनी प्रावधानों और गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) के मानकों में निपुण बनाना है, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण (Quality) उर्वरक सुलभ हो सकें।

वर्तमान सहकारिता परिदृश्य (Scenario) पर चर्चा करते हुए एमडी (MD) ने पैक्स कंप्यूटराइजेशन (PACS Computerization) की प्रक्रिया को नए युग की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि पैक्स के पूर्णतः कंप्यूटराइज्ड होने से दैनिक कार्यप्रणाली (Daily Operation) में पारदर्शिता (Transparency) और गति आई है। इसके साथ ही उन्होंने समितियों को बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों (Multipurpose PACS) के रूप में रूपांतरित  करने पर विशेष जोर दिया। यह प्रशिक्षण कर्मचारियों को उर्वरक व्यवसाय के साथ-साथ कॉमन सर्विस सेंटर (Common Service Center), गोदाम संचालन (Warehouse Operation) और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों (Business Activities) के कुशल प्रबंधन (Management) के लिए तैयार करेगा।कृषि विशेषज्ञों (Agricultural Scientists) ने कहा कि कानूनी व तकनीकी (Legal & Technical) रूप से दक्ष होने के बाद ये कार्मिक गांवों में किसानों को संतुलित खाद उपयोग (Balanced Fertilizer Use) और मृदा स्वास्थ्य (Soil Health) के प्रति भी जागरूक (Aware) कर सकेंगे।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

error: Content is protected !!