सार
सहकारिता विभाग पंजीयक कार्यालय ने दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र की आदर्श उपविधियों को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं, जिससे ग्रामीण पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा।
विस्तार
जयपुर| प्रदेश डेस्क, 1 अक्टूबर |राज्य सरकार के सहकारिता विभाग (Cooperative Department) ने प्रदेश की दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों (Dairy Producer Cooperative Societies) की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कार्यालय रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां (Registrar, Cooperative Societies), राजस्थान, जयपुर द्वारा जारी एक नए आदेश के अनुसार, अब राज्य की सभी प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों की उपविधियों (Bye-laws) में संशोधन किया जाएगा।
इसके तहत केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation) द्वारा तैयार की गई बहुउद्देशीय ग्राम डेयरी सहकारी समितियों हेतु आदर्श उपविधियों (Model Bye-laws) को राजस्थान में भी अंगीकृत (Adopt) किए जाने का निर्णय लिया गया है।आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2001 (Rajasthan Cooperative Societies Act, 2001) के अंतर्गत पंजीकृत होने वाली तथा जिला दुग्ध संघों (District Milk Unions) व राज्य दुग्ध महासंघों (State Dairy Federation) से संबद्ध सभी डेयरी सहकारी समितियों के लिए इन आदर्श उपविधियों को अपनाना अनिवार्य होगा। अधिनियम की धारा-11 के अंतर्गत समितियों की उपविधियों में संशोधन की आवश्यक कार्रवाई तुरंत पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सहकारिता विभाग का मानना है कि इन संशोधनों से ग्रामीण स्तर पर डेयरी से जुड़े किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा और दुग्ध सहकारिता का दायरा और अधिक मजबूत होगा।रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा द्वारा जारी इस आदेश की प्रतियां सहकारिता मंत्री (Cooperation Minister) के निजी सचिव, प्रमुख शासन सचिव (Principal Secretary), जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों और आरसीडीएफ (RCDF – Rajasthan Cooperative Dairy Federation) के प्रबंध निदेशक (Managing Director) सहित तमाम संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई और अनुपालन (Compliance) हेतु भेज दी गई हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके क्षेत्र के अधीन आने वाली सभी सहकारी समितियां इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर कार्यालय को अवगत कराएं।
आदर्श उपविधियों से बदलेगी ग्रामीण डेयरी समितियों की तस्वीर
सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation), भारत सरकार की पहल पर अब राजस्थान में भी बहुउद्देशीय ग्राम डेयरी सहकारी समितियों के लिए आदर्श उपविधियां (Model Bye-laws) लागू होने जा रही हैं। राज्य के सहकारिता विभाग ने इस संबंध में सभी जिला दुग्ध उत्पादक संघों और सहायक रजिस्ट्रारों (Assistant Registrars) को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। जानकारों का मानना है कि इन नई उपविधियों के लागू होने से प्राथमिक स्तर पर दुग्ध समितियों के कामकाज में एकरूपता आएगी और पारदर्शिता (Transparency) बढ़ेगी।राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2001 के प्रावधानों के तहत समितियों को अपनी पुरानी उपविधियों में आवश्यक संशोधन करने होंगे। इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी, बल्कि दुग्ध सहकारिता के नेटवर्क को भी मजबूती मिलेगी। विभाग ने सभी संबंधित जिला संघों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन आने वाली समितियों में इन संशोधनों की प्रक्रिया को तय समय सीमा के भीतर पूरा करवाएं, जिससे जमीनी स्तर पर इसका लाभ पशुपालकों तक समय पर पहुंच सके।


