सार:
बाड़मेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (BCCB) के निर्देश पर कल्याणपुर क्षेत्र के पैक्स व्यवस्थापकों ने बिलाड़ा ‘मॉडल पैक्स’ का अध्ययन भ्रमण किया। इसका उद्देश्य ऋण वितरण से आगे बढ़कर खाद-बीज और उपभोक्ता सेवाओं के विविधीकरण से कमजोर समितियों को आत्मनिर्भर व बहुधंधी बनाना है।
विस्तार:

कल्याणपुर / बालोतरा | सहकारी जगत रिपोर्टर | 24 अक्टूबर|सहकारिता क्षेत्र (Cooperative Sector) को मजबूत करने, समितियों की वित्तीय स्थिति (Financial Condition) सुधारने तथा व्यवसाय के विविधीकरण (Diversification) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कल्याणपुर बीसीसीबी (Barmer Central Co-operative Bank) शाखा (Branch) कार्यक्षेत्र की ग्राम सेवा सहकारी समितियों (PACS) के एक दल ने बहुधंधी प्राथमिक सहकारी समिति, बिलाड़ा का अध्ययन भ्रमण किया।इस एक्सपोजर विजिट (Exposure Visit) के दौरान कल्याणपुर क्षेत्र के पैक्स व्यवस्थापकों (Managers) ने बिलाड़ा पैक्स कार्यालय का अवलोकन किया तथा वहाँ संचालित विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों (Business Activities) को करीब से देखा और समझा। अध्ययन दल में मूल की ढाणी के व्यवस्थापक किशनसिंह राजपुरोहित, मूल की ढाणी के रमेश पटेल, पटाऊ खुर्द के कैलाश विश्नोई तथा कोरणा के व्यवस्थापक एवं ऋण पर्यवेक्षक (Loan Supervisor) शैतान देवासी शामिल थे।
बैंक प्रबंधन का निर्देश — मॉडल समितियों के अध्ययन से तैयार होगी कार्ययोजना (Action Plan)
दी बाड़मेर सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (BCCB) के प्रधान कार्यालय (Head Office) द्वारा कमजोर ग्राम सेवा सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण हेतु एक्सपोजर विजिट (Exposure Visit) के निर्देश जारी किए गए हैं। बैंक के प्रबंध निदेशक (Managing Director) जितेन्द्र कुमार द्वारा जारी आदेशानुसार, राज्य के शीर्ष सहकारी बैंक (Apex Cooperative Bank) जयपुर द्वारा चयनित मॉडल समितियों—जैसे निमोद, पलसाना, रामगढ़, भगवानपुरा, भाणा, हथोज और बिलाड़ा का अध्ययन भ्रमण सुनिश्चित किया गया है।इस विजिट के तहत समितियों को अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति (Financial Status), आय-व्यय (Income & Expenditure), ऋण वसूली (Loan Recovery) और उपलब्ध संसाधनों (Resources) की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। विजिट से लौटने के बाद व्यवस्थापक खाद-बीज बिक्री तथा अन्य अनुमत व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं का आकलन कर अपनी-अपनी समितियों की नई कार्ययोजना (Action Plan) तैयार करेंगे। इसके आधार पर समयबद्ध तरीके से प्रभावी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी रिपोर्ट बैंक प्रधान कार्यालय (Head Office) को भेजी जाएगी।
भ्रमण के दौरान बिलाड़ा बहुधंधी प्राथमिक सहकारी समिति के व्यवस्थापक पेमाराम चौधरी ने बाड़मेर से आए दल का स्वागत करते हुए समिति के कामकाज की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ऋण वितरण (Credit Distribution), फर्टिलाइजर (Fertilizer) व्यवसाय, उपभोक्ता वस्तुओं (Consumer Goods) की बिक्री तथा अन्य व्यावसायिक विविधीकरण मॉडल (Diversification Model) के बारे में बारीकी से समझाया। चौधरी ने बताया कि कैसे पारंपरिक ऋण कारोबार (Traditional Loan Business) से आगे बढ़कर नए व्यावसायिक आयामों को अपनाकर समिति की आय में निरंतर बढ़ोतरी की जा सकती है।दल के सदस्यों ने बिलाड़ा पैक्स के प्रबंधन ढांचे (Management Structure), रिकॉर्ड संधारण (Record Maintenance), खाद-बीज भंडारण व्यवस्था (Storage System) और किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। अधिकारियों ने माना कि इस प्रकार की एक्सपोजर विजिट (Exposure Visit) से बाड़मेर जिले की कमजोर और सुस्त पड़ी समितियों को आत्मनिर्भर (Self-reliant) व व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने में काफी मदद मिलेगी।
सहकार से समृद्धि — कमजोर पैक्स बनेंगी बहुधंधी, बढ़ेगी किसानों की सहूलियत
सहकारिता विभाग (Cooperative Department) और बैंक प्रशासन का मुख्य ध्येय ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना को धरातल पर उतारना है। इसी कड़ी में कमजोर पड़ चुकी ग्राम सेवा सहकारी समितियों को बहुधंधी समितियों (Multipurpose Societies) में बदलने की कवायद तेजी से शुरू की गई है।अब पैक्स समितियाँ केवल ऋण वितरण तक सीमित न रहकर खाद, बीज, कृषि उपकरण (Agricultural Equipment) और अन्य उपभोक्ता सेवाओं (Consumer Services) का विस्तार करेंगी। इससे न केवल समितियों की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को भी एक ही छत के नीचे सभी कृषि व व्यावसायिक सुविधाएँ सुलभ हो सकेंगी। सीसीबी बाड़मेर की कोरणा, बलाउ जाटी, अम्बिका, पटाऊ खुर्द और मूल की ढाणी जैसी समितियों को मॉडल पैक्स (Model PACS) की तर्ज पर सशक्त बनाने के लिए प्राथमिकता से अनुपालना रिपोर्ट (Compliance Report) माँगी गई है।


