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किसानों को फसल खराबे में त्वरित राहत देने हेतु एसडीआरएफ सहायता का पीएम फसल बीमा योजना में समायोजन हो समाप्त

मुख्यमंत्री का प्रधानमंत्री को पत्र – प्राकृतिक आपदा में किसानों को मात्र 2 हेक्टेयर तक की भरपाई का नियम बदलकर बढ़ाई जाए सीमा

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जयपुर, 6 अप्रेल। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर भारत सरकार द्वारा अक्टूबर 2022 में जारी नए नियमों में एसडीआरएफ से किसानों को फसल खराबे के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में मिलने वाली राशि के साथ समायोजन को समाप्त करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि इससे किसानों को फसल खराबे के लिए त्वरित सहायता नहीं मिल पा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को आपदाओं के दौरान मिलने वाली बीमित राशि की गणना करना एक जटिल एवं लम्बी प्रक्रिया है। इससे एसडीआरएफ सहायता देने में विलम्ब होता है, जबकि किसानों को फसल खराबे के तुरंत बाद अगली फसल के लिए रकम जुटानी होती है।
श्री गहलोत ने लिखा कि समायोजन के नियम से पहले एसडीआरएफ के तहत किसानों को त्वरित रूप से आर्थिक सहायता दी जा सकती थी। नए नियम से किसानों को समय पर सहायता न मिलने से एसडीआरएफ का उद्देश्य ही पूरा नहीं हो पा रहा है। अतः नए नियमों को विलोपित कर एसडीआरएफ के तहत मिलने वाली सहायता को एक तात्कालिक सहायता के रूप में दिया जाना चाहिए।
साथ ही श्री गहलोत ने पत्र में लिखा कि नए नियम में एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ में किसानों को फसल खराबे से मिलने वाली राहत को मात्र 2 हेक्टेयर की जोत तक सीमित किया गया है। राजस्थान, विशेषकर पश्चिमी राजस्थान में किसानों की औसत जोत का आकार इससे बड़ा होने के कारण फसल खराबे के लिए उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने पत्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से किसानों को वास्तविक नुकसान के आधार पर एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ में सहायता प्रदान करने के लिए 2 हेक्टेयर की सीमा में वृद्धि करने का आग्रह किया है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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