- किसानों, पशुपालकों, डेयरी संघ तथा जनजाति क्षेत्र के प्रतिनिधियों से बजट पूर्व संवाद
- -हर साल पेश होगा पृथक कृषि बजट
- -किसानों एवं पशुपालकों की खुशहाली का रखेंगे बजट में ध्यान

जयपुर, 9 दिसंबर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि एक लोकतांत्रिक सरकार के लिए आमजन के सुझाव महत्वपूर्ण हैं। राज्य सरकार सभी उपयोगी सुझावों को कृषि बजट में सम्मिलित करने का पूरा प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिवर्ष कृषि के लिए अलग से बजट प्रस्तुत किया जाएगा ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिया जा सके।
श्री गहलोत शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में किसानों, पशुपालकों, डेयरी संघों के पदाधिकारियों तथा जनजातीय क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व संवाद को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि, पशुपालन एवं इससे जुड़े क्षेत्र राज्य की जीडीपी एवं अर्थव्यवस्था की धुरी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस बार के बजट के माध्यम से प्रदेश के किसानों तथा पशुपालकों की समृद्धि एवं खुशहाली के लिए आवश्यक प्रावधान करने के लिए पूरी तरह प्रयासरत है। हमारी सरकार ने पहली बार अलग से कृषि बजट लाने का ऐतिहासिक निर्णय किया। प्रदेश की करीब दो-तिहाई आबादी विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं पानी की कमी के बावजूद अपनी मेहनत से कृषि के क्षेत्र में प्रदेश को हमेशा अग्रणी पायदान पर रखने का सार्थक प्रयास करती है। हमारी पूरी कोशिश है कि बजट में ऐसे प्रावधान करें, जिससे राज्य के किसानों तथा पशुपालकों की आय बढ़े और वे खुशहाल हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषकों के कल्याण के लिए विगत वर्षों में राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना, कृषक कल्याण कोष का गठन, मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना, ऋण माफी, सहकारी फसली ऋण ऑनलाइन पंजीयन एवं वितरण योजना, राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति जैसे कई अहम फैसले लिए गए हैं, जो कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में तकनीक और नवाचारों के माध्यम से कृषि और डेयरी क्षेत्रों का तेजी से विकास किया जा सकता है। हम तमाम चुनौतियों के बावजूद इस दिशा में सतत प्रयासरत हैं कि किसान और पशुपालक आत्मनिर्भर बन सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के किसान नवीन तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर उन्नत कृषि की ओर आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में पानी की कमी और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए राज्य सरकार बूंद-बूंद और फव्वारा सिंचाई पद्धति को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने खेतों में सोलर पैनल लगाकर किसानों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की योजना लागू की है। राज्य सरकार किसानों को फसल का उचित दाम, अच्छी गुणवत्ता का खाद, बीज और कीटनाशक समय पर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
सामाजिक सुरक्षा सरकार का मुख्य ध्येय
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी तबको के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार का मुख्य ध्येय है और इस दिशा में शानदार योजनाएं संचालित की जा रही है। चिरंजीवी योजना के माध्यम से आमजन को 10 लाख तक का निःशुल्क उपचार दिया जा रहा है। किडनी, हार्ट, लीवर ट्रांसप्लांट जैसे महंगे इलाज में 10 लाख की सीमा समाप्त कर दी गई है। साथ ही, 5 लाख रूपए तक का दुर्घटना बीमा भी दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा आईपीडी, ओपीडी में सभी प्रकार के उपचार निःशुल्क कर दिए गए हैं। प्रदेश में आमजन की सिटी स्केन, एम.आर.आई. स्केन जैसी महंगी जांचें निःशुल्क की जा रही हैं। 1 करोड़ प्रदेशवासियों को पेंशन देने का कार्य राज्य सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना से लाखों किसानों का बिजली बिल शून्य हुआ है। सरकारी कर्मियों का भविष्य सुरक्षित करने हेतु पुरानी पेंशन योजना प्रदेश में फिर से लागू की गई है।
बैठक में कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को लगभग 16 हजार 800 करोड़ रूपए की फसल बीमा राशि का भुगतान किया जा चुका है। कोरोना काल के बाद युवाओं का कृषि के प्रति रूझान बढ़ा है। युवा किसानों द्वारा नई तकनीकों का उपयोग कर खेती को उन्नत बनाया जा रहा है।
बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीया, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. महेश जोशी, कृषि विपणन राज्य मंत्री श्री मुरारी लाल मीणा, मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार श्री अरविन्द मायाराम, मुख्यमंत्री सलाहकार श्री गोविन्द शर्मा, श्री निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री अखिल अरोडा, प्रमुख शासन सचिव कृषि श्री दिनेश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारीगण, कृषक, पशुपालक, डेयरी संघ पदाधिकारी एवं जनजाति क्षेत्र के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।


