Home जयपुर किसानाें की आय बढाने के लिए सरकार के प्रयास प्रसंस्करण ईकाईयों एवं वेयरहाउस के 88.93 करोड़ रूपए के 27 निवेश प्रस्तावों के लिए 13.27 करोड़ रूपए की अनुदान राशि स्वीकृत

किसानाें की आय बढाने के लिए सरकार के प्रयास प्रसंस्करण ईकाईयों एवं वेयरहाउस के 88.93 करोड़ रूपए के 27 निवेश प्रस्तावों के लिए 13.27 करोड़ रूपए की अनुदान राशि स्वीकृत

जयपुर, 10 नवम्बर। राज्य सरकार द्वारा किसानों के हितार्थ तेल, दाल, मूंगफली, मसाला, ऊन, कॉटन आदि की प्रसंस्करण ईकाईयों एवं वेयरहाउस के 88.93 करोड़ रूपए के 27 निवेश प्रस्तावों के लिए 13.27 करोड़ रूपए की अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इस निवेश से प्रतिवर्ष 722 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध होगा।
राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति-2019 के अन्तर्गत गठित राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री दिनेश कुमार ने सभी जिला कलेक्टराें को निर्देश दिये कि वे कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति-2019 के अन्तर्गत प्राप्त सभी प्रस्तावों को 60 दिवस की अवधि में निस्तारित करना सुनिश्चित करें । उन्होंने राज्य में फल एवं सब्जियों के प्रंसस्करण के क्षेत्र में निवेश प्रस्ताव आमंत्रित करने के निर्देश भी दिये।

राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति-2019

निर्यात प्रोत्साहन नीति के अन्तर्गत माह अक्टूबर, 2021 तक 435 कृषि प्रसंस्करण ईकाईयों की  स्थापना के प्रस्ताव अनुदान हेतु स्वीकृत किये जा चुके हैं, जिनमें 150.67 करोड़ रूपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है। राज्य में इससे 760.29 करोड़ रूपये का निवेश कृषि प्रसंस्करण क्षेत्र में हो रहा है। इन ईकाईयों द्वारा प्रतिवर्ष 2901 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार एवं 25000 व्यक्तियों को अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा। नीति के अन्तर्गत किसानों की 126 इकाईयों के प्रस्ताव स्वीकृति किये जा चुके है। किसानों द्वारा स्थापित की जाने वाली इन इकाईयों में 116.11 करोड़ रूपये का निवेश किया जा रहा है। किसानों को प्रोत्साहन नीति-2019 के अन्तर्गत 47.68 करोड़ रूपये का अनुदान स्वीकृत किया जा चुका है।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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