सार
राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 के अल्पकालीन फसली ऋण (Short Term Crop Loans) वितरण पर केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCBs) को ₹101.67 करोड़ का क्षतिपूर्ति ब्याज अनुदान (Interest Subsidy Grant) जारी कर बैंकों के खातों में सीधे स्थानांतरित (Direct Transfer) कर दिया है।
विस्तार

जयपुर | प्रदेश डेस्क रिपोर्ट | 7 नवंबर |प्रदेश के किसानों को खेती-किसानी के लिए सुगम और ब्याजमुक्त (Interest-free) ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा वित्तीय (Financial) कदम उठाया है। ‘राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड’ (RSCB) द्वारा जारी आधिकारिक एडवाइजरी (Official Advisory) के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान अल्पकालीन (Short-term) फसली ऋण वितरण पर केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCBs) को देय क्षतिपूर्ति ब्याज अनुदान (Compensation Interest Subsidy) की कुल 101.67 करोड़ रुपये की राशि गत 6 नवंबर 2026 को जारी कर दी गई है। यह वित्तीय सहायता कोष (Treasury) के माध्यम से सीधे प्रदेश के सभी केंद्रीय सहकारी बैंकों के चालू खातों (Current Accounts) में जमा करा दी गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) और प्राथमिक कृषि ऋण दात्री समितियों (PACS/पैक्स) स्तर पर वित्तीय तरलता (Financial Liquidity) को बड़ा संबल मिलेगा।
विभिन्न केंद्रीय सहकारी बैंकों को श्रेणीवार (Category-wise) मिला अनुदान; बाड़मेर, जयपुर और सीकर को बड़ा आवंटन
राज्य सरकार द्वारा जारी 101.67 करोड़ रुपये के इस क्षतिपूर्ति ब्याज अनुदान का जिलेवार (District-wise) और मदवार (Head-wise) विवरण स्पष्ट कर दिया गया है। जारी सूची (List) के अनुसार, सामान्य मद (General Head), अनुसूचित जाति (SC Head) मद और अनुसूचित जनजाति (ST Head) मद के अंतर्गत प्रदेश के सभी केंद्रीय सहकारी बैंकों को राशि का आवंटन किया गया है। इसमें बाड़मेर, जयपुर, सीकर, जोधपुर और अलवर समेत कई केंद्रीय सहकारी बैंकों को उनके कार्यक्षेत्र (Jurisdiction) और ऋण वितरण (Loan Distribution) के अनुपात में करोड़ों रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। सहकारी आंदोलन (Cooperative Movement) के जानकारों का कहना है कि इस पारदर्शी मदवार आवंटन से ग्रामीण अंचल के अंतिम छोर तक के किसानों और पैक्स (PACS) संस्थाओं को सीधा वित्तीय लाभ पहुंचेगा।
आरएससीबी (RSCB) के उप महाप्रबंधक (परिचालन) [Deputy General Manager (Operations)] मनप्रीत सिंह की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, यह अनुदान राशि 1 अप्रैल 2025 से 31 अगस्त 2025 तक की अवधि में प्राप्त दावों (Claims) के विरुद्ध स्वीकृत की गई है। कुल 101.67 करोड़ रुपये के इस वित्तीय पैकेज (Financial Package) को सुचारू रूप से वितरित किया गया है, जिसमें 20-20 करोड़ रुपये की चार किश्तें (Installments) तथा 21.67 करोड़ रुपये की एक अंतिम किश्त शामिल है। सहकारिता से जुड़े विशेषज्ञों (Experts) का मानना है कि इस अनुदान के मिलने से केंद्रीय सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति (Financial Position) सुदृढ़ होगी और किसानों को समय पर फसली ऋण के दावों के निस्तारण (Settlement) में गति आएगी।


