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ब्याज-मुक्त फसली ऋण योजना के तहत 15.51 करोड़ रुपये की राशि जारी, केंद्रीय सहकारी बैंकों (Cooperative Banks) के खातों में सीधे ट्रांसफर

सार

​राजस्थान सरकार ने बजट घोषणा के तहत ब्याज-मुक्त फसली ऋण योजना के लिए 15.51 करोड़ रुपये सहकारी बैंकों के खातों में सीधे ट्रांसफर किए हैं। इसमें से ग्राम सेवा सहकारी समितियों (PACS) को 2% मार्जिन राशि का त्वरित भुगतान कर ग्रामीण कृषि ऋण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

विस्तार

जयपुर |प्रदेश डेस्क रिपोर्ट | 7 नवंबर |राज्य सरकार ने वर्ष 2024-25 की बजट घोषणा के तहत ब्याज-मुक्त फसली ऋण योजना के अंतर्गत बड़ा कदम उठाया है। द राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (एपेक्स बैंक / Apex Bank) द्वारा जारी आधिकारिक एडवाइजरी (Official Advisory) के अनुसार, केंद्रीय सहकारी बैंकों (Central Cooperative Banks) से प्राप्त दावों (Claims) के विरुद्ध राज्य सरकार ने कुल 15.51 करोड़ रुपये  की भारी-भरकम राशि मंजूर की है। यह संपूर्ण राशि 3 नवंबर 2026 को कोषागार (Treasury) के माध्यम से संबंधित केंद्रीय सहकारी बैंकों के चालू खातों (Current Accounts) में सीधे जमा करवा दी गई है।एपेक्स बैंक के उप-मुख्य प्रबंधक – परिचालन (Deputy Chief Manager – Operations) मनप्रीत सिंह द्वारा प्रदेश के समस्त केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों (Managing Directors) को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

ग्राम सेवा सहकारी समितियों (PACS) को मिलेगा 2 प्रतिशत मार्जिन राशि का त्वरित लाभ

राजस्थान में सहकारी आंदोलन (Cooperative Movement) को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान की राशि के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। एपेक्स बैंक द्वारा स्पष्ट किया गया है कि केंद्रीय सहकारी बैंकों को जो 15.51 करोड़ रुपये की राशि 3 नवंबर 2026 को कोषागार के माध्यम से स्थानांतरित (Transferred) की गई है, उसमें से सम्बद्ध ग्राम सेवा सहकारी समितियों (पैक्स) का हक सुरक्षित रखा जाए।बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पैक्स समितियों को देय 2 प्रतिशत मार्जिन राशि का भुगतान बिना किसी विलंब के तुरंत जारी करें। इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रही पैक्स समितियों की वित्तीय स्थिति (Financial Position) सुदृढ़ होगी, जो सीधे तौर पर किसानों को खाद, बीज और अल्पकालिक ऋण (Short-Term Loans) उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाती हैं। मार्जिन राशि समय पर मिलने से समितियों के दैनिक कामकाज और वित्तीय प्रबंधन (Financial Management) में भी सुगमता आएगी, जिससे अंततः ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) को नया संबल प्राप्त होगा।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि केंद्रीय सहकारी बैंकों को 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान (Interest Subsidy / Grant) के मद में जारी की गई इस राशि में से, सम्बद्ध ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Primary Agricultural Credit Societies) को देय 2 प्रतिशत मार्जिन राशि (Margin Amount) का भुगतान तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित किया जाए।इस वित्तीय मदद से सहकारी ढांचे (Cooperative Structure) से जुड़े ग्रामीण स्तर के किसानों और पैक्स समितियों को वित्तीय मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद है। सरकार के इस कदम से सहकारिता के जरिए कृषि ऋण वितरण व्यवस्था (Agricultural Credit Distribution System) को और अधिक गति मिलेगी तथा समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को योजना का पूरा लाभ मिल सकेगा।

 

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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