सार
सूखे की मार झेल रहे बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर में प्रशासन ने लघु एवं सीमांत किसानों के लिए चारा डिपो खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत डिपो संचालकों को 1 लाख रुपये अग्रिम ऋण और परिवहन अनुदान दिया
विस्तार 
बाड़मेर |विशेष रिपोर्ट | 21 अक्टूबर |खरीफ संवत 2083 में सूखे की मार झेल रहे पश्चिमी राजस्थान के सरहदी जिलों—बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर के पशुपालकों को बड़ी राहत देने की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार, राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के मानदंडों के तहत सूखाग्रस्त क्षेत्रों में लघु एवं सीमांत कृषकों को अनुदानित दर पर चारा उपलब्ध कराने के लिए चारा डिपो संचालित किए जाएंगे। इस संबंध में आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के संयुक्त शासन सचिव उत्साह चौधरी ने दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं, बाड़मेर जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने जिले के सभी उपखंड अधिकारियों, तहसीलदारों, विकास अधिकारियों तथा संबंधित केन्द्रीय सहकारी बैंक / जिला बाड़मेर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ को इन निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के लिए पाबंद किया है।विभागीय आदेशों के अनुसार, चारा डिपो संचालन के लिए इच्छुक ग्राम पंचायतों, ग्राम सेवा सहकारी समितियों और दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए SSO पोर्टल (www.sso.rajasthan.gov.in) के माध्यम से पंजीयन कर विभागीय एप्लीकेशन ‘डेविड’ (DMIS – डिजास्टर मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) पर प्रस्ताव अपलोड करने होंगे। ऑफलाइन आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। चारा डिपो की स्वीकृति जिला कलेक्टर स्तर पर आवश्यकता का आकलन करने के बाद जारी की जाएगी, जो अभाव अवधि तक प्रभावी रहेगी।चारे की दर का निर्धारण पटवारी, सरपंच और राजस्व निरीक्षक की समिति करेगी। समिति क्रय मूल्य में से परिवहन अनुदान घटाकर तथा 10 रुपये प्रति क्विंटल हेंडलिंग चार्ज जोड़कर बिक्री दर तय करेगी। चारे की आपूर्ति गैर-अभावग्रस्त जिलों या पड़ोसी राज्यों से की जाएगी। पारदर्शी संचालन के लिए प्रतिमाह अधिकारियों द्वारा भौतिक निरीक्षण के कड़े लक्ष्य भी तय किए गए हैं।
डिपो संचालन पर 1 लाख रुपये अग्रिम ऋण, 50 किलोमीटर से अधिक दूरी पर ही मिलेगा परिवहन अनुदान
राज्य सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों में चारा डिपो का संचालन करने वाली एजेंसियों के लिए वित्तीय व्यवस्था एवं परिवहन अनुदान की सख्त शर्तें लागू की गई हैं। डिपो का संचालन सुचारू रूप से हो सके, इसके लिए जिला कलेक्टर द्वारा सत्यापन के पश्चात प्रत्येक स्वीकृत चारा डिपो को 1,00,000 (एक लाख) रुपये की राशि ब्याज मुक्त ऋण (कार्यशील पूंजी) के रूप में अग्रिम उपलब्ध कराई जाएगी।अनुदान के नियमों को स्पष्ट करते हुए विभाग ने बताया कि चारा डिपो पर केवल लघु एवं सीमांत कृषकों को ही अनुदानित दर पर चारा मिलेगा। अनुदान का लाभ 50 किलोमीटर से अधिक दूरी से परिवहन कर लाए गए चारे पर ही देय होगा। इसके अलावा, वास्तविक किराए और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दर में से जो राशि कम होगी, उसी आधार पर सब्सिडी का भुगतान किया जाएगा। जिन पशुपालकों ने अपने पशुओं को सरकारी/अनुदानित पशु शिविरों में छोड़ रखा है, उन्हें डिपो से चारा अनुदान का दोहरा लाभ नहीं दिया जाएगा। चारे के तोल के लिए धर्मकांटा की रसीदें और परिवहन में प्रयुक्त वाहनों का भौतिक सत्यापन करना अनिवार्य किया गया है।


