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सहकारी समिति जांच मामला: जसाई समिति के निलंबित व्यवस्थापक को राहत, धारा 55 की जांच रिपोर्ट और निर्देशों के क्रियान्वयन पर लगी रोक

सारांश

 बाड़मेर जिले की जसाई ग्राम सेवा सहकारी समिति के तत्कालीन व्यवस्थापक (Manager) हरीराम सोलंकी के खिलाफ जारी धारा 55 की जांच रिपोर्ट (Investigation Report) और निर्देशों पर अतिरिक्त रजिस्ट्रार (Additional Registrar) जोधपुर ने आगामी सुनवाई (Next Hearing Date: 6 जनवरी 2027) तक रोक (Stay Order) लगा दी है।

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बाड़मेर/जोधपुर |जोधपुर विशेष रिपोर्ट। 18 अक्टूबर|जसाई ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड के तत्कालीन (हाल निलंबित/Suspended) व्यवस्थापक (Manager) हरीराम सोलंकी को अतिरिक्त रजिस्ट्रार (Appeals) सहकारी समितियां, जोधपुर न्यायालय (Court) से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने बाड़मेर सेंट्रल कॉ-ऑपरेटिव बैंक (Central Co-operative Bank) के अधिशाषी अधिकारी (Executive Officer) एवं जांच अधिकारी (Investigating Officer) द्वारा धारा 55 के तहत जारी जांच रिपोर्ट (Inspection Report, दिनांक 11.08.2026) तथा धारा 55(5)(6) के अंतर्गत जारी परिणाम व निर्देशों (Directions, दिनांक 25.08.2026) के क्रियान्वयन व प्रभाव पर आगामी सुनवाई तिथि (Next Date of Hearing) 06 जनवरी 2027 तक रोक (Stay) लगा दी है।

मामले के अनुसार, निगरानीकर्ता (Petitioner) हरीराम सोलंकी (37) निवासी गांव परा (जिला बाड़मेर) ने अपने अधिवक्ता (Advocate) एस.के.एम. व्यास के माध्यम से राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम (Rajasthan Cooperative Societies Act 2001) की धारा 107 के तहत अतिरिक्त रजिस्ट्रार (Appeals) जोधपुर के समक्ष निगरानी याचिका प्रस्तुत की थी। याचिका में उप रजिस्ट्रार (Deputy Registrar) सहकारी समितियां बाड़मेर, प्रबंध निदेशक (Managing Director) बाड़मेर सेंट्रल कॉ-ऑपरेटिव बैंक, अधिशाषी अधिकारी व जांच अधिकारी तथा जसाई ग्राम सेवा सहकारी समिति को प्रत्यर्थी (Respondents) बनाया गया था।

सुनवाई के दौरान निगरानीकर्ता के अधिवक्ता ने मौखिक बहस (Arguments) में अदालत को अवगत कराया कि धारा 55 एवं 55(5)(6) में जिस राशि के गबन या अनियमितता का आरोप लगाया गया है, वह पूरी राशि समिति के खातों (Accounts) में सुरक्षित रूप से उपलब्ध है। अतः समिति स्तर पर किसी भी प्रकार का गबन या घोटाला (Scam/Fraud) नहीं हुआ है। अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिया कि तत्कालीन ऑडिट रिपोर्ट (Audit Report) में भी निगरानीकर्ता के विरुद्ध किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को लेकर कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गई थी। जहां तक समिति स्तर पर बांटे गए ऋणों (Loans) की वसूली न होने का सवाल है, तो उसके लिए नियमानुसार अधिनियम के तहत वसूली की अलग कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।अतिरिक्त रजिस्ट्रार (Appeals) गुंजन चौबे ने पत्रावली पर मौजूद निगरानी मेमो (Revision Memo), संलग्न दस्तावेजों (Documents) एवं मौखिक बहस का विश्लेषण करने के पश्चात प्रकरण के गुण-दोष (Merits) पर फिलहाल कोई टिप्पणी किए बिना 07 अक्टूबर 2026 को स्थगन आदेश (Stay Order) जारी करते हुए दोनों विवादित आदेशों के प्रभाव पर अगली पेशी तक अंतरिम रोक लगा दी।

अब 6 जनवरी 2027 को होगी अगली सुनवाई, प्रत्यर्थी पक्षों को नोटिस जारी

जोधपुर। सहकारी समितियों के अतिरिक्त रजिस्ट्रार (Appeals) न्यायालय ने जसाई समिति के चर्चित प्रकरण में 07 अक्टूबर 2026 को स्थगन आदेश (Stay Order) पारित करने के साथ ही मामले की अगली सुनवाई की तारीख (Next Hearing Date) 06 जनवरी 2027 तय की है।अतिरिक्त रजिस्ट्रार (Appeals) गुंजन चौबे द्वारा जारी आदेश की प्रति संबंधित सभी पक्षों को आवश्यक कार्यवाही एवं सूचना के लिए प्रेषित कर दी गई है। इनमें उप रजिस्ट्रार (Deputy Registrar) सहकारी समितियां बाड़मेर, दी बाड़मेर सेन्ट्रल कॉ-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (Managing Director), बैंक के अधिशाषी व जांच अधिकारी तथा जसाई ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक/प्रशासक (Administrator) शामिल हैं।न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रकरण के मुख्य तथ्यों और मैरिट (Case Merits) पर विस्तृत सुनवाई अगली तिथियों पर की जाएगी, लेकिन तब तक 11 अगस्त 2026 की जांच रिपोर्ट और 25 अगस्त 2026 के निर्देशों का क्रियान्वयन पूरी तरह स्थगित रहेगा। इस आदेश के बाद अब बैंक व सहकारिता विभाग के अधिकारियों को 6 जनवरी को होने वाली सुनवाई में न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष और जवाब प्रस्तुत करना होगा। अदालत के इस अंतरिम आदेश (Interim Order) से निलंबित व्यवस्थापक पक्ष को कानूनी लड़ाई में बड़ी राहत मिली है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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