सार
राजस्थान सहकारी उपभोक्ता संघ (CONFED) की 41वीं साधारण सभा में 94,667 लाख के व्यवसाय और 1,663 लाख के शुद्ध लाभ की घोषणा हुई। बैठक में RGHS बकाया भुगतान पर चिंता जताई गई तथा जन औषधि केंद्रों और ई-सहकारी फार्मेसी के विस्तार का निर्णय लिया गया।
विस्तार
जयपुर |प्रदेश डेस्क 30 सितंबर |राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (CONFED) की 41वीं वार्षिक साधारण सभा बुधवार को सहकार भवन में गरिमामयी माहौल में आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता CONFED के प्रशासक एवं रजिस्ट्रार (सहकारी समितियां) डॉ. समित शर्मा ने की। सभा के दौरान संस्था की वित्तीय प्रगति और व्यावसायिक उपलब्धियों का विस्तृत खाका पेश किया गया, जिसने सहकारिता जगत में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया है।बैठक की शुरुआत में डॉ. समित शर्मा ने CONFED की वित्तीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों की गहन समीक्षा की। इसके साथ ही, बेहतर प्रबंधन और कार्यकुशलता के बल पर CONFED ने 1,663 लाख रुपये का शुद्ध लाभ भी अर्जित किया है। इस दौरान यह आंकड़े सामने आए कि संस्था ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 94,667.39 लाख रुपये का प्रभावशाली व्यवसाय किया है। 20:12:05 इन बेहतरीन आंकड़ों पर सभा में उपस्थित सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त की।वार्षिक आमसभा में CONFED की कार्यप्रणाली, वित्तीय स्थिरता, व्यावसायिक विविधीकरण और आगामी कार्ययोजनाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर लंबी चर्चा हुई। प्रशासक डॉ. शर्मा ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे संस्था की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा सुदृढ़ बनाएं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं समय पर मिलना सहकारिता की प्राथमिकता होनी चाहिए।बैठक में सहकारिता विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, वित्त विभाग के संयुक्त शासन सचिव (व्यय), RGHS विभाग के प्रतिनिधि, अतिरिक्त रजिस्ट्रार द्वितीय, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (मार्केटिंग) और CONFED के प्रबंध संचालक सहित विभिन्न सदस्य संस्थाओं के अध्यक्ष एवं प्रशासक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। अंत में प्रबंध संचालक ने सभी का आभार जताते हुए सभा के सफल समापन की घोषणा की।
RGHS बकाया भुगतान और वित्तीय संकट पर गरमाई बैठक, त्वरित समाधान के निर्देश
CONFED की वार्षिक साधारण सभा के दौरान सदस्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने मेडिकल व्यवसाय से जुड़ी गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधियों ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के तहत लगभग 265 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बकाया राशि के भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा पुरजोर तरीके से रखा। सदस्यों का कहना था कि TPA द्वारा लगाए जाने वाले अनावश्यक आक्षेपों और प्रशासनिक प्रभार को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने की मांग के बीच, लंबित भुगतानों से सहकारी भंडारों की वित्तीय स्थिति चरमरा गई है। भण्डारों के समक्ष गंभीर वित्तीय कठिनाइयां उत्पन्न हो चुकी हैं। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए सहकारिता विभाग शासन सचिव एव प्रशासक डॉ. समित शर्मा ने बैठक में उपस्थित वित्त विभाग और RGHS विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे तुरंत इन तमाम विषयों की समीक्षा करें और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए युद्धस्तर पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि सहकारी संस्थानों को राहत मिल सके।
जन औषधि केंद्रों का विस्तार और ई-सहकारी फार्मेसी को हरी झंडी, मिलेट्स को भी मिलेगा बढ़ावा
आमजन को और अधिक राहत देने तथा सहकारिता के दायरे को व्यापक बनाने के लिए CONFED की साधारण सभा में कई दूरदर्शी प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आमजन को सस्ती एवं उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां सुलभ कराने के वास्ते प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्रों का दायरा तेजी से बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही, उपभोक्ताओं को घर बैठे दवाइयां मुहैया कराने के लिए नवीन ‘ई-सहकारी फार्मेसी (E-Sahkari Pharmacy)’ शुरू करने का बड़ा प्रस्ताव भी पारित किया गया। दूसरी ओर, देश और प्रदेश में सुपर फूड के रूप में उभर रहे ‘श्री अन्न (Millets)’ को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष मिलेट आउटलेट्स की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उपस्थित सदस्यों ने इन सभी प्रस्तावों का एक स्वर में स्वागत किया और इन्हें सर्वसम्मति से पारित किया। इन पहलों से आने वाले समय में CONFED के व्यावसायिक दायरे में बड़ा विस्तार होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।


