Home जयपुर राजस्थान में 18 जिलों में उर्वरक बिक्री की ‘FFS ऐप’ व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का आग्रह

राजस्थान में 18 जिलों में उर्वरक बिक्री की ‘FFS ऐप’ व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का आग्रह

सार

Rajasthan : जयपुर समेत 18 जिलों में ‘फर्टिलाइजर सेल ऐप’ (FFS) व्यवस्था को फिलहाल स्थगित करने का आग्रह किया गया है। 1 से 30 सितंबर 2026 तक ‘एग्रीस्टेक फार्मर आईडी’ और डिजिटल भूमि रिकॉर्ड अभियान पर ध्यान केंद्रित करने के लिए यह निर्णय लिया गया।

राजस्थान के 18 जिलों में FFS ऐप से खाद बिक्री स्थगित खबर

विस्तार

जयपुर । 21 सितंबर । प्रदेश में इन दिनों कृषि क्षेत्र को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में कई बड़े प्रयास चल रहे हैं। इसी कड़ी में राज्य के 18 जिलों में ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाईजर सेल’ यानी एफएफएस ऐप के जरिए ऑनलाइन उर्वरक विक्रय की व्यवस्था लागू की गई थी। इस नई व्यवस्था को लेकर किसानों की तरफ से जहां कुछ सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आईं, वहीं कई तरह के व्यावहारिक सुझाव और अभ्यावेदन भी प्राप्त हुए थे।

इन सबके बीच सरकार का पूरा ध्यान इस समय एक अन्य महत्वपूर्ण महाअभियान पर केंद्रित है। राज्य में एक सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक एग्रीस्टेक फार्मर आईडी तैयार करने और भू-राजस्व गांवों के भूमि रिकॉर्ड को पूरी तरह ऑनलाइन डिजिटल रूप देने का विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। कृषि विभाग के स्तर पर इस बात महसूस किया गया कि एक साथ दो बड़े तकनीकी कार्यों के संचालन से मैदानी स्तर पर काम का दबाव बढ़ रहा है।

​इसी स्थिति को मद्देनजर रखते हुए कृषि विभाग की प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने भारत सरकार के डिजिटल कृषि मिशन के निदेशक को आधिकारिक पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया है। पत्र के माध्यम से यह आग्रह किया गया है कि एग्रीस्टेक अभियान के पूर्ण होने और भूमि रिकॉर्ड से जुड़े सभी जरूरी बिंदु अद्यतन होने तक राजस्थान के उन 18 जिलों में एफएफएस व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से आगामी आदेशों तक स्थगित रखा जाए, जहां यह हाल ही में शुरू की गई थी। सरकार के इस फैसले से फिलहाल मैदानी स्तर पर चल रहे भूमि रिकॉर्ड और फार्मर आईडी बनाने के काम में प्रशासनिक अमला पूरी तरह जुट सकेगा।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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