सार
#Rajasthan अखिल राजस्थान सहकारी बैंक्स कर्मचारी संघ ने 17वें वेतन समझौते की 40 लाख ग्रेच्युटी और संशोधित वेतनमान वाली मांग-पुस्तिका अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक को सौंपकर, इसे 31 दिसंबर 2026 से पूर्व लागू करने का आह्वान किया है।
विस्तार 
जयपुर | प्रदेश डेस्क 19 सितंबर | अखिल राजस्थान सहकारी बैंक्स अधिकारी एसोसिएशन (ARSBAA) और राजस्थान सहकारी बैंक्स कर्मचारी संघ (RSBKS) से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले विभागीय वेतन समझौता समिति के सदस्य सचिव एवं अपेक्स बैंक (apax bank) के प्रबंध निदेशक रणजीत सिंह चुण्डावत को 17वें वेतन समझौते का मांग-पत्र (लघु-पुस्तिका) सौंप दिया है। यह मांग-पत्र प्रदेश के सहकारी बैंकों (अपेक्स बैंक, सीसीबी, एसएलडीबी, पीएलडीबी) में 1 जनवरी 2024 से लंबित वेतन संशोधन के त्वरित निस्तारण और भुगतान के लिए सौंपा गया है।प्रांतीय महासचिव कल्याण सिंह चौहान और मदन लाल मीणा के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन के दौरान एस.के. राठौड़, अशोक माहेश्वरी, रामचरण वर्मा, शिवचरण सिंह गुर्जर और सुरेंद्र सिंह राठौड़ सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।कुल 5 खंडों और 10 अध्यायों में विभाजित इस विस्तृत लघु-पुस्तिका को बारां जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के सीनियर मैनेजर और नोडल अधिकारी रामरूप मीणा द्वारा तैयार किया गया है। मांग-पत्र में कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्रमुखता दी गई है, जिनमें मुख्य रूप से 3.50 से 3.83 के मध्य फिटमेंट फैक्टर या 25 प्रतिशत समग्र वेतन वृद्धि के आधार पर नई वेतन श्रृंखला का निर्धारण शामिल है। इसके अलावा नाबार्ड की अमरेश कुमार समिति की सिफारिशों के अनुरूप विशेष वेतन वृद्धियों, चिकित्सा सुविधाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पेंशन लाभों और ग्रेच्युटी की सीमा को बढ़ाकर 40 लाख रुपए करने की मांग की गई है।
सहकारी कर्मियों के 17वें वेतन समझौते की लघु-पुस्तिका का हुआ है विमोचन
राजस्थान के सहकारी बैंकों के कार्मिकों के लिए तैयार किए गए 17वें वेतन समझौते के मांग-पत्र (लघु-पुस्तिका) को लेकर प्रशासनिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में कोटा के श्रीनाथपुरम में ऑल इंडिया कोऑपरेटिव बैंक एम्पलाइज ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्र स्तरीय पदाधिकारी नागेंद्र सिंह की अध्यक्षता में इस लघु-पुस्तिका का विमोचन समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें मेरठ से विशेष तौर पर अतिथि पधारे थे।संगठन के नोडल अधिकारी रामरूप मीणा द्वारा तैयार इस पुस्तिका में कार्मिकों की सभी तार्किक, संविधानोचित और वाजिब मांगों को बेहद सूक्ष्म और संतुलित अंदाज में संकलित किया गया है। संगठन ने विश्वास जताया है कि इस सुनियोजित मांग-पत्र के जरिए प्रदेशभर के हजारों सहकारी कर्मचारियों को उनका हक समय पर मिल सकेगा।


