Home जोधपुर जोधपुर CCB और सहकारिता कार्यालय में ‘मलाईदार’ पदों जमे हुए अधिकारियों के तबादले और उच्च-स्तरीय जांच की मांग

जोधपुर CCB और सहकारिता कार्यालय में ‘मलाईदार’ पदों जमे हुए अधिकारियों के तबादले और उच्च-स्तरीय जांच की मांग

सार

सहकारी प्रतिनिधियों ने केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) और उप रजिस्ट्रार कार्यालय में जमे अधिकारियों पर भ्रष्टाचार व अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने इन अधिकारियों के तबादले और विभिन्न घोटालों की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है

(IMG SOURCE AI GENERATED )  

विस्तार

जोधपुर ![ ङिजीटल ङेस्क 27 जून ] राजस्थान सरकार द्वारा तबादलों से रोक हटाए जाने के बाद, अब जोधपुर जिले के सहकारी साख आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों ने एक बड़ी मांग उठाई है। सुत्रो का आरोप है कि जोधपुर केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) और उप रजिस्ट्रार (DR)सहकारी समितियाँ कार्यालय में राज्य सहकारिता सेवा (RCS) के कुछ अधिकारी वर्षों से जमे हुए हैं, जिससे सहकारी संस्थाओं को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है सहकारी प्रतिनिधियों का आरोप है कि CCB में पदस्थ प्रबंध निदेशक (MD) और अधिशाषी अधिकारी प्रतिनियुक्ति के आधार पर लंबे समय (एक दशक )से केवल जोधपुर खंड में ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आरोप है कि इन अधिकारियों का राजनीतिक रसूख इतना अधिक है कि सरकारें बदलने के बावजूद ये मलाईदार पदों पर बने रहते हैं। इसी तरह, उप रजिस्ट्रार कार्यालय में तैनात एक उच्चाधिकारी पर भी आरोप है कि उन्होंने निरीक्षक पद से पदोन्नति तक अपना पूरा कार्यकाल इसी खंड में बिताया है जिसके चलते संस्थाओं से जुड़े लोगों ने सरकार से इन अधिकारियों के कार्यकाल में लिए गए नियमों के विरुद्ध निर्णयों और निर्देशों की नैतिक जवाबदेही तय करने की पुरजोर मांग की है। उनके द्वारा लगाए गए प्रमुख आरोपों के अनुसार, बैंक कार्मिकों के वेतन समझौते में भारी विसंगतियां बरती गई हैं, ऋण माफी योजना को नियमों को ताक पर रखकर क्रियान्वित किया गया है, किसानों के हितों से खिलवाड़ करते हुए अमानक खाद की खरीद की गई है, और समर्थन मूल्य पर फसल खरीद की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं के अलावा सीसीबी स्तर पर वर्ष 2022 मे जिला स्तरीय स्क्रीनिंग चयन कमेटी की कार्यप्रणाली में हुए फर्जीवाड़े का मामला भी का जिक्र करते हुए सहकारी साख आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि इस कमेटी के माध्यम से अपात्र और अकुशल व्यक्तियों का चयन किया गया है, जो न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इसने योग्य उम्मीदवारों के अधिकारों का हनन किया है।इन लोगों का मानना है कि इन सभी बिंदुओं की गहन जांच से सारा भ्रष्टाचार सामने आ सकता है।

विधायकों के विधानसभा प्रश्नों से उजागर हो सकता है सच 

सहकारी आंदोलन त्रिस्तरीय ढांचागत से जुङे लोग का कहना है कि यदि विभाग विधानसभा में जोधपुर जिले के विधायकों द्वारा उठाए गए तारांकित एवं अतारांकित प्रश्नों का गंभीरता से विश्लेषण करे, तो पिछले कई वर्षों के भ्रष्टाचार का संपूर्ण लेखा-जोखा स्वतः ही उजागर हो जाएगा। इन प्रश्नों में सीसीबी बैंक कार्मिक वेतन समझौते, ऋण माफी फसल बीमा योजना और समर्थन मूल्य पर हुई फसल खरीद में बरती गई भारी अनियमितताओं का विस्तृत विवरण मौजूद है, जिनसे इन अधिकारियों की कार्यशैली का काला चिट्ठा पूरी तरह सार्वजनिक हो सकता है।

​’ सहकार सप्ताह’ बनाम वास्तविक स्थिति

सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने सवाल करते हुए कहा कि एक ओर विभाग कागजों पर ‘सहकार सप्ताह’ का दिखावटी आयोजन कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जोधपुर जिले मे इन्हीं अधिकारियों की कार्यशैली ने जिले की सहकारी संस्थाओं को आर्थिक रूप से पंगु बना दिया है। प्रतिनिधित्व ने सरकार से मांग की है कि इन अधिकारियों का अविलंब जोधपुर खंड से अन्य खंडीय कार्यालयों में तबादला किया जाए और उनके कार्यकाल की निष्पक्ष जांच करवाई जाए ताकि सहकारी संस्थाओं को वित्तीय संकट से उबारा जा सके।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

error: Content is protected !!