सार
Jaipur : गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना फिर शुरू हो गई है। नए ऋण केवल उन्हीं को मिलेंगे जिन्होंने पहले लाभ नहीं लिया और पुराने ऋण वसूली के आधार पर बांटे जाएंगे।

विस्तार
जयपुर। डिजिटल डेस्क | 25 जून | राजस्थान के पशुपालकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (RSCB) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना (GCC) की क्रियान्विति के निर्देश जारी कर दिए हैं | वित्त विभाग से प्राप्त स्वीकृति के बाद अब प्रदेश में गोपालकों को ऋण वितरण का रास्ता साफ हो गया है | बता दें कि इस योजना में पूर्व में हुई अनियमितताओं के चलते सहकारिता विभाग के पंजीयक कार्यालय ने गत वर्ष 17 दिसंबर 2025 को इस योजना को होल्ड कर दिया था। इसके बाद से ही योजना को फिर से शुरू करने और ऋण वितरण को लेकर सहकारी साख आंदोलन से जुड़े त्रिस्तरीय ढांचागत ढाँचे के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार सरकार के समक्ष मांग उठा रहे थे।
लंबे समय से चल रही इस जद्दोजहद के बाद आखिरकार सरकार ने अब इस योजना को फिर से शुरू करने की स्वीकृति जारी कर दी है। अपेक्स बैंक प्रबंध निदेशक रणजीत सिंह चुंडावत की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, वर्ष 2026-27 में नए ऋण वितरण पर सीमा तय की गई है। अब नए ऋण केवल उतनी ही संख्या में दिए जा सकेंगे, जितने पुराने वितरित ऋणों की पूरी वसूली प्राप्त हो चुकी है साथ ही, यह स्पष्ट किया गया है कि नए ऋण केवल उन्हीं पात्र गोपालकों को दिए जाएंगे, जिन्होंने पहले इस योजना का लाभ नहीं उठाया है
योजना के तहत एकबारीय राहत भी दी गई है। जो ऋण पहले से वितरित हैं और अभी भी बकाया (ओवरड्यू) हैं, उनके लिए यह विशेष सुविधा दी गई है। यदि कोई ऋणधारक अपने बकाया ऋण की अदायगी नियत तिथि से 6 माह की अवधि या 31 दिसंबर 2026, इनमें से जो भी पहले हो, तक कर देता है, तो ऐसे खातों को ब्याज अनुदान के लिए अवधिपार नहीं माना जाएगा ऐसे पात्र खातों पर गोपालकों से कोई ब्याज नहीं वसूला जाएगा और बैंक समय पर ब्याज अनुदान के दावे प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेंगे
एक्सपर्ट व्यू
सहकारी विशेषज्ञ के अनुसार, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना मे ऋण वितरण बहाली एक सकारात्मक कदम है। वसूली के अनुपात में ऋण वितरण से बैंक का वित्तीय अनुशासन सुधरेगा। वहीं, 31 दिसंबर 2026 तक की ‘एकबारीय राहत’ लिए बड़ी मदद है। अब बैंकिंग तंत्र को पारदर्शिता सुनिश्चित कर पिछली अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकनी होगी।


