Home जयपुर भीलवाड़ा नकली खाद मामला : क्या एमडी को एपीओ करने से लौटेगी सहकारिता विभाग की साख और किसानों का खोया विश्वास?

भीलवाड़ा नकली खाद मामला : क्या एमडी को एपीओ करने से लौटेगी सहकारिता विभाग की साख और किसानों का खोया विश्वास?

सार 

Jaipur : भीलवाड़ा में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को जबरन नकली खाद बेचने के विवाद के बाद सहकारिता विभाग ने बैंक एमडी आलोक चौधरी को एपीओ कर जयपुर मुख्यालय भेज दिया है। सहकार नेता आमेरा ने इसे किसानों के हित में लिया फैसला बताया।

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विस्तार 

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 22 जून | भीलवाड़ा जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों के साथ हुए नकली खाद धोखे और उसके बाद उपजे भारी आक्रोश ने आखिरकार जिले में सहकारिता विभाग की साख और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या महकमे द्वारा सीसीबी एमडी को एपीओ करने मात्र से पीड़ित किसानों को हुए भारी आर्थिक नुकसान की भरपाई हो पाएगी? और क्या इस एक कार्रवाई से व्यवस्था के प्रति किसानों का जो भरोसा डगमगाया है, उसे विभाग वापस जीत पाएगा?

दरअसल, आज सहकारिता विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए भीलवाड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) के प्रबंध निदेशक (एमडी) आलोक कुमार चौधरी को तत्काल प्रभाव से एपीओ (पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा) कर दिया है। विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक यह कार्रवाई प्रशासनिक कारणों से की गई है और उन्हें अपनी उपस्थिति शासन सचिवालय, जयपुर में दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, विभाग की ओर से यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया गया है कि एमडी को एपीओ किए जाने का सीधा संबंध भीलवाड़ा के बहुचर्चित नकली खाद प्रकरण से ही है, लेकिन राजनीतिक और सहकारी हलकों में इसे इसी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।

वही एमडी को ऐसे समय में एपीओ किया गया, जब भीलवाड़ा जिले की ग्राम सेवा सहकारी समितियों (पैक्स) में किसानों को महज 400 रुपये की घटिया व नकली बायो खाद जबरन 1350 रुपये में बेचने का मुद्दा पूरी तरह तूल पकड़ा हुआ हैं । इस मामले के सामने आने के बाद ‘ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्प्लाइज एवं बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन’ के प्रांतीय महासचिव व सहकार नेता सूरज भान सिंह आमेरा ने आज ही सहकारिता विभाग के शासन सचिव और रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। जिसके पश्चात देर शाम को एमडी को एपीओ किया गया। इस कार्रवाई को सहकार नेता आमेरा ने सहकारिता में सुशासन, पारदर्शिता और किसानों के हित में लिया गया निर्णय बताया है। उनका मानना है कि इससे विभाग में चल रही मनमानी गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और आमजन में सरकार व शासन का इकबाल बुलंद होगा।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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