सार
Jodhpur : जोधपुर खंड में पारदर्शिता के लिए अधिकारियों को प्रतिदिन 5 सहकारी समितियों (जीएसएस/केवीएसएस) का औचक निरीक्षण करना होगा। उन्हें निर्धारित दरों पर खाद-बीज बिक्री और गोदाम निर्माण की फोटो सहित रिपोर्ट रोजाना शाम 5 बजे तक सौंपनी होगी।
जोधपुर स्थित राजीव गांधी सहकार भवन (File Photo MKM News Rajasthan)
विस्तार
जोधपुर । डिजिटल डेस्क | 21 जून | सहकारिता मंत्री के निर्देशों के बाद प्रदेश की सहकारी समितियों के कामकाज में पारदर्शिता और आमजन को राहत देने के लिए विभाग ने कदम उठाए हैं। अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां जोधपुर खंड द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, अब जोधपुर संभाग के समस्त जिलों में तैनात विभागीय अधिकारियों को क्षेत्र की सभी जीएसएस और केवीएसएस का औचक निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। इस अभियान को मिशन मोड में सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेशों के मुताबिक, एआर, डीआर, एमडी सीसीबी, ईओ सीसीबी, एसएसीएस, एसईसी पीएलडीबी, एमडी यूसीबी और डेयरी के अधिकारियों सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने जिले की सहकारी समितियों की भौतिक स्थिति जांचनी होगी। निरीक्षण के दौरान अधिकारी विशेष रूप से यह सुनिश्चित करेंगे कि समितियों में खाद-बीज और दवाओं की बिक्री सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर ही की जा रही है या नहीं। यदि इसमें कोई अनियमितता पाई जाती है, तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक निरीक्षणकर्ता अधिकारी को प्रतिदिन कम से कम पांच समितियों का दौरा करना होगा। निरीक्षण के दौरान केवल कागजी खानापूर्ति नहीं चलेगी, बल्कि संबंधित अधिकारी को समितियों के कामकाज की फोटो के साथ अपनी रिपोर्ट उसी दिन शाम 5 बजे तक अतिरिक्त रजिस्ट्रार कार्यालय को अनिवार्य रूप से प्रेषित करनी होगी। इतना ही नहीं, यदि किसी समिति परिसर में गोदाम का निर्माण कार्य चल रहा है, तो उसकी गुणवत्ता और निर्माण की स्थिति की रिपोर्ट भी फोटो सहित दैनिक रूप से विभाग को सौंपनी होगी। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य सहकारी समितियों में व्याप्त कथित अनियमिताओं पर अंकुश लगाना और किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उचित मूल्य पर उपलब्ध कराना है। विभागीय अधिकारियों को इस आदेश की पालना अविलंब सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


