सार
Rajasthan : जयपुर में आयोजित केंद्रीय सहकारी बैंकों की समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री और शासन सचिव ने 28 जून तक पैक्स कंप्यूटराइजेशन पूर्ण करने तथा व्यवसाय बढ़ाने के निर्देश दिए ।

विस्तार
जयपुर, 10 जून। राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (अपेक्स बैंक) द्वारा शासन सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केन्द्रीय सहकारी बैंकों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई । इस बैठक की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक और सहकारिता विभाग के शासन सचिव व रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा ने की । बैठक में अपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक रणजीत सिंह चूण्डावत सहित सभी केन्द्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशक, अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए । यह पहली बार था जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिला सहकारी बैंकों के शाखा प्रबंधकों और ग्राम सेवा सहकारी समितियों (पैक्स) के व्यवस्थापकों को भी जोड़ा गया और ‘सहकार से समृद्धि’, ‘सहकारिता में सहकार’ व ‘पैक्स कंप्यूटराइजेशन’ जैसे गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई ।
बैठक के दौरान सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने सभी सहकारी बैंकों को अपने व्यवसाय में विविधता (बिजनेस डाईवर्सीफिकेशन) लाने के निर्देश दिए । उन्होंने बैंकों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिए नए खाते खोलने और जमा राशि बढ़ाने पर विशेष जोर दिया । शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने एजेंडा वार हर बिंदु पर चर्चा करते हुए सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को आधार प्रमाणित उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश जारी किए । पैक्स कंप्यूटराइजेशन के कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी बैंकों को आगामी 28 जून, 2026 से पहले हर हाल में ‘डायनेमिक डे-एंड’ की स्थिति हासिल करने के सख्त निर्देश दिए ।

शासन सचिव ने बैठक में एक बड़ी उपलब्धि की जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के उत्कृष्ट पैक्स मापदंडों के अनुसार राजस्थान के अलवर जिले की ‘नवगांव समिति’ पूरे देश में प्रथम स्थान पर रही है, जिसके लिए उन्होंने पैक्स और बैंक प्रबंधन को बधाई दी । इसके साथ ही, भारत सरकार के “सहकारिता में सहकार” कार्यक्रम के तहत निर्देश दिए गए कि सभी दुग्ध सहकारी समितियों के खाते अनिवार्य रूप से सहकारी बैंकों में खोले जाएं । इन समितियों को बैंक मित्र बनाकर माइक्रो एटीएम जारी किए जाएं और आवश्यक ट्रांजेक्शन सुनिश्चित किए जाएं ।
पेंडेंसी जीरो करने और माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग के निर्देश
शासन सचिव ने बताया कि आगामी 29 जून से 6 जुलाई तक ‘सहकार सप्ताह’ मनाया जाएगा, जिसके तहत सभी बैंकों को अपनी लंबित कार्यवाहियों (पेंडेंसी) को शून्य करने के निर्देश दिए गए हैं । बैठक के अंत में शासन सचिव ने सभी प्रबंध निदेशकों को जमीनी स्तर (माइक्रो लेवल) पर कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करने को कहा । इस समीक्षा बैठक में विभिन्न बैंकिंग मापदंडों के आधार पर बेहतर और कमजोर प्रदर्शन करने वाले बैंकों का विस्तृत विश्लेषण किया गया और उनके प्रदर्शन के अनुसार अलग-अलग रैंकिंग भी तैयार की गई ।


